श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य और गीत की दी प्रस्तुति, इंटरनेशनल विद्यार्थियों ने कहा भारत माता की जय एवं रघुपति राघव राजा राम पर किया नृत्य…

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रायपुर।। श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुबह तिरंगा रैली निकाली गई एवं ध्वजारोहण किया गया तत्प्श्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत राज्य गीत और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक लोक नृत्य और गीत की हर्षो उल्लास के साथ प्रस्तुति दी साथ ही विश्वविद्यालय इंटरनेशनल विद्यार्थियों ने भी स्वतंत्रता दिवस पर अपनी रचनात्मकता दिखाई एवं भारतीय गीत “रघुपति राघव राजा राम” पर दिखाया अपना शानदार नृत्य इसके साथ ही “भारत माता की जय” का लगाया जयकारा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली स्पोर्ट्स के विद्यार्थयों प्रशस्ति पत्र दिया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अनंत श्री विभूषित श्री रविशंकर जी महाराज, विशिष्ट अतिथि डॉ. सुशील त्रिवेद आईएएस (सेवानिवृत्त) पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त रायपुर, डॉ. अशोक भट्टर निदेशक बाल गोपाल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र रायपुर, प्रो. सी. एस. पिल्लीवार, पूर्व प्रमुख सिविल इंजीनियरिंग विभाग शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर उपस्थित रहे।

 


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कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में प्रति कुलाधिपति श्री हर्ष गौतम ने उपस्थित अतिथियों का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया एवं उपस्थित सभी सदस्यों, विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी और उन्होंने कहा की इतिहास के पन्नो को पलटने से यह जाना जा सकता है की असंगठित परिवार, असंगठित समाज एवं असंगठित देश हमेशा खतरे में होते है और फिरंगियों ने फुट डालो शासन करो नीति से हमे असंगठित कर दिया था और उनकी यह कूट नीति सफल इसलिए ही हुई थी क्योंकि उस समय भारतीय असंगठित थे और आज का मूल्य चिंतन भी यहीं है की आजादी के 76 साल के बाद भी हम आज संगठित हो पाए है या नहीं। 1947 से 2023 के बीच भारत ने खुब प्रगति की है इसमें कोई संदेह नहीं है हमने अपनी श्रेष्ठ को सिद्ध भी किया है और आज हमे खास कर के युवाओं को शिक्षा और अध्यात्म के साथ आगे बढ़ना होगा, संगठित होना होगा और आत्मनिर्भर होना होगा।


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एस.के. सिंह ने अपने उद्बोधन में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया और सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी, उन्होंने कहा की आज का दिन मुख्य रूप से उन स्वतंत्रता सेनानियों और उनके त्याग, बलिदान और तपस्या को याद करने का मौका है साथ ही साथ हमें ये जानने की कोशिश करनी चाहिए की उनके मन में देश जब आजाद हुआ होगा उसकी जो परिकल्पना रही होगी और उसे हम सभी को पूरा करने का कर्तव्य समझना चाहिए और भारत को विकसित करने के प्रयास में हमे शामिल होना चाहिए।


 

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कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अशोक भट्टर ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा की मुझे दिल से यह उपस्थित होने पर बहुत ख़ुशी हो रही है और यहं उपस्थित विद्यार्थियों से जो ऊर्जा आ रही है वो एक उत्साह उतपन्न कर रही है। जिससे अवलोकिक अनुभूति हुई। यहाँ शिक्षा और अध्यात्म दोनों का भाव है जिससे विद्यार्थियों का अच्छा चरित्र निर्माण हो रहा है।

प्रो. सी. एस. पिल्लीवार ने स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए शहीदों को याद किया और कहा की आप हमेशा क्वालिफ़िकेशन और एजुकेशन में भ्रमित होते है जो डिग्रीयाँ होती है वो आपको केवल क्वालिफ़िकेशन देती है और एजुकेशन आपको एक अच्छा इंसान बनाती हैं। उन्होंने कहा की जीवन जीना और जीवन निकालना ये दोनों में अंतर है और सबसे पहले आपको ये तय करना है की आपको जीवन निकालना है की जीवन जीना है। आपको ऑल राउंडर बनना है और साथ ही आपको कमसे कम 6 भाषाएं आनी चाहिए।


डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कहा की इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के शिक्षक और विद्यार्थियों सबसे पहले मैं भारत की आज़ादी के इस पावन पर्व पर बधाई देता हूँ
यहाँ सहयोग की बात है की मेरे दादा जी इस क्षेत्र के शीर्षस्थ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे मेरे पिताजी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और इसलिए हमने बचपन से अपने भारत की आज़ादी की लड़ाई के किस्से सुने थे साथ ही उन्होंने कहा की मित्रों जानते है की भारत की आज़ादी के लिए लाखो लोगो ने अपने जीवन को कुर्बान किया था पर यह भी एक बड़ी बात है की मानवता के इस इतिहास के पिछले ढाई हजार साल मैं गौतम बुध के बाद सबसे महान व्यक्ति इस धरा पर महात्मा गाँधी थे या फिर ईसा मसीह के बाद दूसरे सबसे बड़े व्यक्ति महात्मा गाँधी ही थे महात्मा गाँधी ने सत्य एवँ अहिंसा के आधार पर भारत को आज़ादी दिलाई सबको पता है पर आप यह भी जानिए इसी आधार पे दुनिया के अनेक देशो के खाशकर के अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के देशो को आज़ादी मिली थी और इसलिए अमेरिका और अफ्रीका में सबसे महान पुरुष के रूप में महात्मा गाँधी याद किये जा रहे है।


 

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कुलाधिपति अनंत श्री विभूषित श्री रविशंकर जी महाराज ने उपस्थित सभी सदस्यों एवं विद्यार्थयों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और उन्होंने कहा की आदरणीय डॉ. सुशील त्रिवेदी जी , डॉ. अशोक भट्टर साहब, प्रो. सी. एस. पिल्लीवार ने जो हमे मार्गदर्शन दिया बहुत अच्छा लगा आपका जो बताया हुआ और अपने जो हमे पथ दिया, रास्ता बनाया है उस पे हम जरूर चलेंगे। आज हम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम स्वतंत्रता सैनानी के चरणों में वंदन करते है उनसे प्रार्थना करते है की हमको सदा विश्वास और धैर्य और सद्बुद्धि बनी रहे जिससे हम उनके विचारों को लेके के चल सके और बीजारोपण कर सके। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति गौतम जी, कुलपति एस.के. सिंह, कुलसचिव, प्रोफेसर एवं छात्र और छात्राएं आप अंधेरे को प्रकाश बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हमेशा परिश्रम करें परिश्रम के बिना कुछ नही हो सकता हैं परिश्रम अध्यात्म में भी है, पढ़ाई में भी, कृति में भी, बिजनेस में भी, समाज सेवा में हमेशा जागृत अवस्था में रहे, खूब परिश्रम करे, पॉजिटिव रहे, नर्म रहे, सरल रहे और सुनने की क्षमता को हमेशा धारण करे।


कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को शॉल और गुरु प्रसादी देकर धन्यवाद ज्ञापित किया और कुलसचिव डॉ. सौरभ के. शर्मा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया, उन्होंने कहा की भारत का भविष्य यहाँ के विद्यार्थी है इन होनहार विधार्थियों ने शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम कि शोभा बढ़ा बधाई है। आजादी के स्वतंत्रता दिवस को आज 76 वर्ष हो चुके है आज 77 स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम सब लोग यह माना रहे है और बड़े हर्षोल्लास के साथ पूरा भारत वर्ष इस दिन को बड़ी ऊर्जा के साथ माना रहा है। इस महान पर्व को मानने के पीछे केवल एक उद्देश्य है की हम उन बलिदानियों को याद करते है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी।


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