July 13, 2024

SRU : पांचवीं लेक्चर सीरीज, CGPURC अध्यक्ष ने बताया शिक्षा प्रणाली के तीन स्तंभ…

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रायपुर।। श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में लेक्चर सीरीज की आज पाँचवी कड़ी का आयोजन हुआ । लेक्चर सीरीज की शुरआत माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई । कार्यक्रम में वक्ता सीजीपीयूआरसी (CGPURC ) के अध्यक्ष डॉ.यू.के.मिश्रा रहे। इस लेक्चर में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. के. सिंह के साथ सभी सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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छात्रों को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो. एस. के. सिंह ने कार्यक्रम के वक्ता डॉ.यू.के.मिश्रा का स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने बताया की विश्वविद्यालय की स्थापना 2018 में श्री रविशंकर महराज जी की अध्यक्षता में की गई और इस उद्देश्य से की गई की विश्वविद्यालय ना केवल छत्तीसगढ़ राज्य में बल्कि पुरे विश्व में शिक्षा के नाम के लिए जानी जाये। साथ ही उन्होंने बताया की ये लेक्चर सीरीज की शुरुआत करने का उद्देश्य हमे ऐसे वरिष्ठ जनों को बुलाना है जिन्होंने अपने क्षेत्र में महारत हासिल किया है। ताकि वो हमारे छात्र-छात्राओं से अपना अनुभव साझा करे। जिससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को गति मिलेगी। शिक्षा प्रणाली केवल किसी भी विषय की जानकारी प्रदान करने के लिए नहीं है यह शिक्षकों की मदद से किसी भी विषय का संयोजन प्रदान करने की प्रक्रिया हैं। इस प्रक्रिया में पढ़ाई एक खास पहलु हैं।



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वक्ता डॉ.यू.के.मिश्रा ने आज की लेक्चर सीरीज में विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया की प्रणाली को कैसे अच्छा बनाए रखें, शिक्षा का अपना एक वातावरण होता हैं और शिक्षा का वातावरण बनाना काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा की हम वातावरण के लिए बड़ी-बड़ी इमारते तो खड़ी कर देते हैं। लेकिन हम छात्रों के अंदर सिखने की इच्छा जो होती हैं उसे उत्पन्न नहीं कर पा रहे हैं तो उन इमारतों का कोई मतलब नहीं हैं। हमे ऐसा वातावरण बनाना पड़ेगा की बच्चे खुद सीखने आये।छात्रों के लिए कहा की छात्रों को अपने उद्देश्यों पर केंद्रित करना पड़ेगा। उन्हें सबसे पहले अपना उद्देश्य रखना चाहिए और फिर बाकि सब कुछ । ये ज़िंदगी इंजॉय करने के लिए नहीं हैं। जब आप छोटे होते हो तो आपको लगता हैं दुनिया यही हैं लेकिन असली संघर्ष तब शुरू होता है जब आप पढ़ाई कर लेते हैं और उसके बाद नौकरी की तलाश में जाते है। उन्होंने राम भगवान का उदहारण देते हुए कहा की संघर्ष सभी के जीवन में होता हैं। लेकिन आप सभी संघर्ष के लिए मानसिक रूप से तैयार रहिए। इसके साथ ही शिक्षक छात्र और प्रबंधन तीन स्तंभ बताया जिसमें उन्होंने कहा की विद्यार्थी मिट्टी हैं और कुम्हार अध्यापक है, बुनियादी ढांचा चाक है जिसमें पॉट प्ले तैयार किया जाता है।


 

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अंत में आज के वक्ता डॉ.यू.के.मिश्रा को स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद ज्ञापित किया और राष्ट्रगान के साथ लेक्चर सीरीज का समापन किया गया ।


 

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श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. जे. के. उपाध्याय, विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति हर्ष गौतम, कुलपति एस. के. सिंह, कुलसचिव प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने इस लेक्चर सीरीज के लिए सभी शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को शुभकामनाएं दी इसके साथ ही इस अवसर पर छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की…


 


 

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