April 18, 2026

छत्तीसगढ़: 28 जुलाई से 4 रुपए लीटर गौमूत्र खरीदेगी भूपेश सरकार, खरीदी दर तय हो सकती हैं स्थानीय स्तर पर…

0
r0_132_2592_1555_w1200_h678_fmax

प्रदेश में हरेली तिहार यानी 28 जुलाई से गौमूत्र खरीदी भी शुरू होने जा रही है। सरकार ने इसके लिए कम से कम 4 रुपए प्रति लीटर की दर तय की है। गौठान प्रबंध समिति गौमूत्र खरीदी की दर स्थानीय स्तर पर भी तय कर सकती हैं। पहले चरण में प्रत्येक जिले के दो चयनित स्वावलंबी गौठानों में गौमूत्र की खरीदी की जाएगी।

Read More:-सौर तूफान: धरती से टकरा सकता हैं सौर तूफान, स्पेस साइंटिस्ट का दावा…

वहीं गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. अय्याज तम्बोली ने सभी कलेक्टरों को गौठानों में गौमूत्र की खरीदी को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि गौमूत्र की खरीदी गौठान प्रबंधन समिति के खाते में उपलब्ध गोधन न्याय योजना से मिली राशि और उसकी ब्याज राशि से करेगी। उन्होंने कलेक्टरों को अपने-अपने जिले के दो स्वावलंबी गौठानों, स्व-सहायता समूह का चयन करने, गौठान प्रबंध समिति तथा स्व-सहायता समूह के सदस्यों को प्रशिक्षण देने के साथ ही गौ-मूत्र परीक्षण संबंधी किट एवं उत्पाद भण्डारण हेतु जरूरी व्यवस्था करने को कहा है।

बता दें की कलेक्टरों को चयनित गौठान एवं स्व-सहायता समूह की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। सीएम भूपेश बघेल ने इसी साल अप्रैल-मई में गौमूत्र खरीदी का एलान किया था। उसके बाद कृषि विभाग ने कामधेनु विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से गौमूत्र के वैल्यू एडिशन पर एक अध्ययन कराया। अब चरणवार इसकी शुरुआत की जा रही है।

Read More:-इनसोम्निया या अनिद्रा जैसे डिसऑर्डर का कारण हो सकता हैं अनहेल्दी लाइफ़स्टाइल,जानिए कैसे मिलेगी राहत…

जाने गौमूत्र खरीदी की तरफ क्यों बढ़ी सरकार-

अधिकारियों का कहना है, गौमूत्र की खरीदी राज्य में जैविक खेती के प्रयासों को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे पशुपालकों को गौमूत्र बेचकर अतिरिक्त आय होगी। वहीं महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जीवामृत, कीट नियंत्रक उत्पाद आदि तैयार किए जाने से रोजगार का जरिया मिलेगा। इन जैविक उत्पादों का उपयोग किसान भाई रासायनिक कीटनाशक के बदले कर सकेंगे, जिससे कृषि में लागत कम होगी।

Read More:-राष्ट्रपति चुनाव: छत्तीसगढ़ सीएम बघेल समेत मंत्रियों व विधायकों ने किया मतदान, देंखे सबसे पहले किसने ने किया मताधिकार का प्रयोग…

 


 

Read More:-रविशंकर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग नया रायपुर में धूमधाम के साथ मनाया गया फेयरवेल और फ्रेशर पार्टी…

 


 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *