April 18, 2026

डॉलर के मुकाबले पहली बार इतना निचे लुढ़का रुपया, अब तक का बनाया नया रिकॉर्ड…

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इन दिनों देश में रुपये में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बाजार खुलने के साथ ही भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया और 80 रुपए प्रति डॉलर के पार निकल गया। भारतीय रुपये में गिरावट ऐसे समय पर हुई जब अमेरिका में ब्याज दर बढ़ाने के लिए इस हफ्ते फेडरल रिजर्व बैंक बैठक करने जा रहा है।

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ब्लूमबर्ग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार,रुपया आज 79.9863 के स्तर पर खुला, जिसके बाद तुरंत रुपया 80.0175 के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सोमवार 18 जुलाई को रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे की गिरावट के साथ 79.98 के स्तर पर बंद हुआ था। कल के कारोबार के दौरान 80 रुपये प्रति डॉलर के पार गया था, लेकिन 80 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बंद होने में सफल हुआ था।
रुपये की तरफ से 80 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ने के बाद कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद रुपये में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। बता दें, इस साल रुपया डॉलर के मुकाबले 7 फीसदी से अधिक गिर चुका है।

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देखें पिछले आठ साल में कितने फीसदी गिरा रुपया-

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में भाषण देते हुए कहा था कि पिछले आठ साल में रुपए की कीमत में 25 फीसदी की गिरावट आई है। आरबीआई के मुताबिक, 2014 में रुपए का भाव डॉलर के मुकाबले 63.33, 2015 में 66.33 रुपए, 2016 में 67.95 रुपए, 2017 में 63.93 रुपए, 2018 में 69.79 रुपए, 2019 में 71.29, 2020 में 73.05 रुपए, 2021 में 74.30 और जुलाई 2022 में यह 80 के स्तर के पार पहुंच गया है।

गिरावट का कारण-

रुपये में गिरावट की सबसे बड़ा कारण दुनिया में कच्चे तेल के दाम की कीमतों में इजाफा होना है, जिसके कारण भारत में तेल आयातकों की ओर से विदेशी कंपनियों को अधिक भुगतान करना पड़ रहा है जो डॉलर की अधिक मांग की मुख्य कारणों में से हैं। इसके साथ ही राजकोषीय और चालू वित्त खाते में घाटा बढ़ने के कारण भी रुपये पर दबाव बना हुआ है। वहीं, शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से की जा रही बिकवाली और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने के कारण भी रुपये में कमजोरी बनी हुई है।

 


 


 

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