June 23, 2024

हिंदी दिवस विशेष : माता की तरह सम्मान करे अपने राष्ट्र भाषा की- कुलपति

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रायपुर।। भाषा से हमारी विशेष पहचान होती है और हिंदी ने हमें एक नई पहचान दिलाई है, हिंदी पुरे विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक है। हिंदी विश्व की सबसे प्राचीन, सरल और समृद्ध भाषाओं में से एक है। हिंदी केवल भाषा नहीं हमारी संस्कृति भी हैं। हिंदी दिवस के अवसर पर आज हम हिंदी भाषी होने का गर्व मना रहे हैं।

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श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में आज “हिंदी दिवस” के अवसर पर हिंदी विभाग एवं कला संकाय के द्वारा हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी की जानकर एवं साहित्यकार शासकीय डी.बी. महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. सत्यभामा आडिल रही। इसके साथ ही कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति हर्ष गौतम, कुलपति प्रो. एस. के. सिंह और कुलसचिव प्रभारी मनोज कुमार सिंह एवं हिंदी विभाग की एचओडी डॉ. सविता वर्मा उपस्थित रहे।

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हिंदी दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति हर्ष गौतम ने समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. सत्यभामा आडिल का परिचय देते हुए स्वागत किया। साथ ही “हिंदी दिवस” की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने हिंदी दिवस के इस अवसर पर कहा की अपनी कलम से, अपने शब्दों से किसी के ह्रदय को छू जाना ही हिंदी साहित्य की सुंदरता हैं। इसके साथ ही तुलसीदास की रामचरित मानस का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा की हिंदी के विभिन्न रसो को शब्दों के माध्यम से वर्णित करना ही हिंदी की सुंदरता हैं।

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वहीं कुलपति प्रो. एस. के. सिंह ने भी “हिंदी दिवस” की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय की परिकल्पना बताते हुए कहा की हमारा उद्देश्य हैं की छात्रों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें अच्छा चरित्र और संवेदनशीलता भी उतपन्न हो। इसके साथ ही जो देश को गर्वान्वित करे हमें ऐसे छात्रों का निर्माण करना हैं। उन्होंने हिंदी दिवस मनाने का कारण बताते हुए कहा की हम संकल्प करें की जिस तरह से हम अपनी माता का सम्मान करते है उसी तरह से अपनी राष्ट्र भाषा का भी सम्मान करेंगे और दूसरो की भाषा का भी सम्मान करेंगे।

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इसके साथ ही आज की मुख्य अतिथि हिंदी की जानकर डॉ. सत्यभामा आडिल ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए सभी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा की राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती हैं उन्होंने देश और देश की भाषा से संबंधित अनुभव साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में घोषित तो किया गया लेकिन अभी भी देश द्विभाषी देश है उन्होंने कहा कि मैं किसी दूसरे देश की भाषा के विरुद्ध नहीं हूं या अंग्रेजी भाषा के विरुद्ध नहीं हूं लेकिन दूसरी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं देखती। आप किसी भी विदेशी भाषा को पसंद कीजिए लेकिन राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय भाषा के लिए उसे माध्यम बनाना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी भी देश में अंग्रेजी भाषा का वर्चस्व है इसलिए हमारी भाषा हिंदी राष्ट्रीय भाषा के रूप में जमीनी स्तर पर नहीं उतर पाई।

कार्यक्रम के अंत में अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद ज्ञापित किया और राष्ट्रगान के साथ हिंदी दिवस समारोह का समापन किया गया ।

श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. जे. के. उपाध्याय, विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति हर्ष गौतम, कुलपति प्रो डॉ. एस. के सिंह, कुलसचिव प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने सभी स्टाफ और छात्रों को हिंदी दिवस समारोह के लिए शुभकामनाएं दी…

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srigo


 


 

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