छत्तीसगढ़ बजट सत्र :कृषि के लिए दिया पांच हजार तीन सौ करोड़ से अधिक का बजट…
प्रदेश के विधानसभा बजट सत्र के मंगलवार सातवें दिन 15 मार्च को तीन मंत्रियों के 16 से अधिक विभागों के बजट को चर्चा के बाद सदन से पारित कर दिया। इसमें कृषि के लिए 53 सौ करोड़ से अधिक का बजट शामिल है। सदन में मंगलवार को मंत्री रविंद्र चौबे, प्रेमसाय सिंह टेकाम और जयसिंह अग्रवाल के विभागीय बजटों पर चर्चा हुई। वहीं, मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने अपने विभागों का बजट दिया है। इस पर सदन में बुधवार को चर्चा की जाएगी।
मंत्री चौबे ने विभागीय बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान आत्मनिर्भर हो रहे है तो आपको परेशानी क्यों हो रही है। आप किसानों को धान का 2,100 रुपये नहीं दे पाए हम 2,500 रुपये दे रहे हैं तो आपको तकलीफ हो रही है। ओडिशा के साथ महनदी के जल को लेकर चल रहे विवाद के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताते हुए चौबे ने कहा कि भाजपा की सरकार ने 15 वर्षों में केवल चंद उद्योगपतियों के लिए ही एनीकट बनवाया।
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बता दें की मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम और जयसिंह अग्रवाल ने चर्चा का जवाब देेते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। इस दौरान तीनों मंत्रियों ने सदस्यों की तरफ से रखी गई मांगों पर भी कार्यवाही करने का विश्वाश दिलाया है। चौबे के विभागों के लिए कुल 8,834 करोड़ 69 लाख 73 हजार और डा. टेकाम के विभागों के लिए 38 हजार 231 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की अनुमति दी गई है।


