लॉकडाउन हटने के बाद साइकिलों की मांग में इज़ाफा: हर महीने बिक रहीं 15 हजार साइकिलें…

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साल 2021 में लॉकडाउन हटने के बाद लोगों की दिलचस्पी अचानक साइकिलिंग की ओर बढ़ी। गौरतलब हैं की अप्रैल में लॉकडाउन लगा। उसके बाद मई में लॉकडाउन खुला और अगले तीन-चार महीनों तक लोगों ने जमकर साइकिल खरीदे। सिर्फ राजधानी रायपुर में ही हर महीने साढ़े सात हजार से ज्यादा साइकिलें बिकने लगीं। प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा साइकिलें बिकीं, हालांकि आमतौर पर सामान्य दिनों में हर महीने लगभग दस हजार साइकिलें ही बिकती थी ।
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लगातार दो सालों तक महीनों घर में बंद रहने के बाद लोगों को सेहत की चिंता सताने लगी। इसलिए लॉकडाउन खुलते ही लोगों ने साइकिलें खरीदनी शुरू की। साइकिल खरीदने में ज्यादातर युवाओं का रुझान देखा गया। 15 से 35 हजार तक की साइकिलें खरीदी गईं। वहीं कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी काफी दिनों तक जिम और गार्डन इत्यादि नहीं खोले गए। इस वजह से सेहत सुधारने के लिए लोगों ने साइकिलिंग को बेहतर समझा।

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2021 के आखिरी तीन से छह महीने तक साइकिल से जुड़े कारोबारियों ने अच्छा मुनाफा कमाया। 2022 के शुरुआती तीन महीने में कारोबार फिर सामान्य है। अब स्कूल-कालेज खुलने पर ज्यादातर माता-पिता और युवा फिर से पढ़ाई पर खर्च करने लगे हैं। साथ ही कोरोना के बाद महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोग मूलभूत और जरूरी चीजों पर ही ध्यान दे रहे हैं। रायपुर में साइकिल के संचालक ने बताया कि अब स्थिति ऐसी है कि मार्च में औसत से भी कम साइकिल बिके हैं। कोरोना के बाद यूक्रेन-रसिया युद्ध के कारण भी चीजें बहुत महंगी हो गई हैं।
इसलिए साइकिल की बिक्री थोड़ी कम हो गई है। वही एक और संचालक का कहना है कि जिम और गार्डन खुलने के कारण लोग अब सेहत के लिए सामान्य दिनचर्या में लौटने लगे हैं। साइकिलों पर 15 से 40 हजार रुपए खर्च करना अब सबके लिए आसान नहीं है।
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