ताइवान में आया 25 साल का सबसे बड़ा भूकंप, जिसकी तीव्रता 7.5 मापी गयी…

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ताइपे। ताइवान को एक बड़े भूकंप ने ऐसा हिट किया है जिसकी तीव्रता 7.5 मापी गयी, जिसके कारण ताइवान में कई इमारतें देखते ही देखते गिर गयी ।  भूकंप से बिल्डिंग टेढ़ी हो गई हैं और लोग फंसे हुए हैं। जापान ने अपने तटों के लिए वॉर्निंग जारी की है। ताइवान में 7.5 तीव्रता का भीषण भूकंप देखने को मिला है। इस भूकंप ने जापान के दक्षिणी द्वीपों को हिलाकर रख दिया है। भूकंप के कारण तीन मीटर ऊंची सुनामी के लहरों की आशंका पैदा हो गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। ताइवान के समया के अनुसार सुबह 9 बजे से कुछ देर पहले यह भूकंप आया। भूकंप के कारण ताइवान में बड़ी तबाही भी देखी गई है।

क्या है वजह ?

ताइवान में बार-बार भूकंप आने की बड़ी वजह उसकी लोकेशन का पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर होना है। यहीं पर दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी स्थित हैं। यह वह जगह भी है जहां अधिकांश भूकंप आते हैं क्योंकि टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के खिलाफ धक्का देती हैं, जिससे अचानक ऊर्जा निकलती है जिसके परिणामस्वरूप भूकंप आते हैं। “रिंग” प्रशांत प्लेट की सीमा से 25,000 मील (40,000 किलोमीटर) आर्क के साथ फिलीपीन सागर प्लेट जैसी छोटी प्लेटों से लेकर कोकोस और नाजका प्लेटों तक फैली हुई है जो प्रशांत महासागर के किनारे पर स्थित हैं।  इसी के साथ कहा गया है कि यहाँ सुनामी बार-बार आती है। जब तक चेतावनी न हटा ली जाए, तब तक अपना सुरक्षित स्थान न छोड़ें।’ JMA का कहना है कि ओकिनावा और मियाजोकिमा और येयामा द्वीप समूहों पर 10 फीट तक ऊंची सुनामी का खतरा है।


25 साल का सबसे बड़ा भूकंप

भूकंप के केंद्र कहे जाने वाले ताइवान के पूर्वी तट पर स्थित हुलिएन शहर में भी नुकसान हुए हैं। जहां झुकी हुई बिल्डिंग को देखकर लोग हैरान हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र हुलिएन शहर से लगभग 18 किमी दक्षिण में स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक 25 वर्षों में यह ताइवान में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। फिलीपींस की ओर से भी सुनामी की चेतावनी दी गई है।

खतरनाक भूकंप 1999 में देखा गया था

दक्षिण-पूर्वी फुजियान प्रांत के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। ताइवान के भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक वू चिएन फू ने कहा, ‘भूकंप जमीन के करीब है और उथला है। इसे पूरे ताइवान और अपतटीय द्वीपों पर महसूस किया गया। 25 वर्षों में यह सबसे मजबूत भूकंप है।’ इसके पहले सितंबर 1999 में ताइवान में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 2400 लोगों की मौत हुई थी। ताइवान में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहते हैं, क्योंकि यह द्वीप दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास स्थित है।

ज्वालामुखी विस्फोट और भूकंप से सबसे अधिक जोखिम वाले लोग रिंग ऑफ फायर के किनारे स्थित स्थानों में रहते हैं। इनमें चिली, जापान, अमेरिका के पश्चिमी तट और सोलोमन द्वीप से लेकर दक्षिण अमेरिका के समुद्र तट के इलाके शामिल हैं।

ताइवान के पूर्वी तट है संवेदनशील

ताइवान का पूर्वी तट एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है लेकिन इसका भूगोल इसे संवेदनशील बनाता है। इसके नीचे शक्तिशाली टेक्टॉनिक फोर्स है। यह द्वीप जहां स्थित है, वहां फिलीपींस समुद्री प्लेट विशाल यूरेशियन प्लेट से मिलती है। ये आंसू की बूंद के आकार का द्वीप है जो अपने मध्य और पूर्वी तट पर फैले पहाड़ों को समेटे हुए है जो अक्सर झटके का अनुभव करता है। पूर्वी तट कम आबादी वाला क्षेत्र है लेकिन यहां घुमावदार सड़कें और रेल लाइन खड़ी चट्टानों से चिपकी हुई हैं। यहां की सड़कें दर्जनों सुरंगों से होकर गुजरती हैं। इसलिए यह संवेदनशील एरिया के अंदर आता है ।

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