जानिए किन देशों में है सबसे ज्यादा मोटे लोग, WHO ने वजन घटाने के लिए दी है सलाह…

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आजकल के बदलते हुए लाइफस्टाइल और खानपान ने दुनियाभर के एक अरब देश से अधिक लोग मोटापे का शिकार होते जा रहे है। लैंसेट की स्टडी में कहा गया है कि 10 सबसे मोटापे से ग्रस्त देशों में से 9 देश प्रशांत क्षेत्र के हैं। दुनिया की लीडिंग मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट’ में प्रकाशित नए विश्लेषण से पता चला है कि दुनिया के शीर्ष 10 मोटापे से ग्रस्त देशों में से 9 प्रशांत क्षेत्र के हैं। जिसमे से देश (फिजी, पापुआ न्यू गिनी, माइक्रोनेशिया, समोआ, सोलोमन आइलैंड इत्यादि) हैं। इन देशों में 20 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और पुरुषों मे मोटापा सबसे अधिक देखा जा रहा है ।

अकाल मौत और विकलांगता का प्रमुख कारण है मोटापा

2022 के आंकड़ों के हवाले से किए गए शोध में पाया गया कि दुनिया में 1 अरब से अधिक लोग अब मोटापे के साथ जी रहे हैं। दुनिया भर में, वयस्कों में मोटापा 1990 के बाद से दोगुना से अधिक हो गया है। बच्चों और किशोरों (5 से 19 वर्ष की आयु) में यह चार गुना हो गया है। आंकड़ों से पता चला कि 2022 में 43% वयस्क अधिक वजन वाले थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक हाल के दशकों में हर आयु के लोगों में अधिक वजन, मोटापा और डाइट संबंधी बीमारियां बढ़ी हैं जो अकाल मौत और विकलांगता का भी प्रमुख कारण बन गए हैं।


मोटापे से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों जैसी खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है । ये बीमारियां न केवल जान के लिए खतरा हैं बल्कि इनसे जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। इससे इंसान के लंबे सालों तक काम करने की क्षमता कम होती है जिससे आर्थिक और विकास के लक्ष्यों पर असर होता है। पिछले साल सितंबर में टोंगा में 15वें प्रशांत क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन का आयोजन किया गया था जहां युवाओं में बढ़ते मोटापे के कारणों को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई थी।

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मोटापे को बढ़ावा देने वाले बहुत से कारक है

प्रशांत क्षेत्र में हेल्थ लीडर्स लंबे समय से मोटापे की बढ़ती महामारी के बारे में जानते हैं। इस दिशा में कई प्रयास किए गए हैं लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है। मोटापे को बढ़ावा देने वाले बहुत से कारक स्वास्थ्य क्षेत्र के नियंत्रण से बाहर है। दक्षिण प्रशांत में WHO के प्रतिनिधि डॉ. मार्क जैकब्स कहते हैं, ‘मोटापे के कारक जटिल हैं। प्रशांत के कई हिस्सों में, अनहेल्दी और खराब तरीके से बनाया खाना सस्ता है और यह आसानी से मिल जाता है। जलवायु परिवर्तन के कारण सूखे, बाढ़ और समुद्र जलस्तर के बढ़ने जैसी दिक्कतें आ रही हैं जिससे खाना और महंगा होता जा रहा है। हम क्या खाते हैं, कितना खाते हैं, एक्सरसाइज, संस्कृति जैसी चीजें मोटापे पर असर डालती है।

प्रशांत क्षेत्र के लोगों के लिए WHO की सलाह

WHO ने सलाह दी है कि वहां की सरकारें, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, माता-पिता, शिक्षक, स्पोर्ट्स के स्टार्स, सामुदायिक संगठनों और और धार्मिक नेता एक साथ मिलकर मोटापे की समस्या से निराकरण के लिए सब साथ आये ।

  • हेल्दी फूड और ड्रिंक्स को सस्ता कर लोगों की पहुंच में लाएं।
  • बचपन से ही स्वस्थ आदतें बनाएं और नियमित रूप से बच्चों की ऊंचाई और वजन की निगरानी करें।
  • अनहेल्दी खाने-पीने की चीजों को और अधिक महंगा कर दें (जैसे कि मीठे पेय पदार्थों पर टैक्स लगा दें) या उनके आयात को और मुश्किल बना दें।
  • प्रेग्नेंसी में स्वस्थ भोजन को बढ़ावा दें और सुनिश्चित करें कि शिशुओं को जीवन के पहले छह महीनों तक विशेष रूप से ब्रेस्टफीडिंग कराई जाए ।
  • मेहमानों के आने पर हेल्दी खाना परोसने की परंपरा विकसित करें।

एक्सरसाइज के लिए समय निकालें और उसके लिए एक अच्छी जगह का चुनाव करे जिससे आपको एक्सरसाइज के समय बोरियत महसूस न हो। साथ ही ध्यान और योग पर भी शुरू से ही ध्यान देते रहे । ताकि हम मोटापे जैसी समस्या से बच पाये ।

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