आखिर अच्छी फिटनेस वाले भी कैसे हो सकते है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का शिकार…

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आखिर अच्छी फिटनेस वाले भी कैसे हो सकते है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का शिकार...

बदलते जीवन शैली और खानपान का असर और बदलते वातावरण का प्रभाव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालता है । पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कई मामले सामने आए हैं। डॉक्टर्स भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए अक्सर फिट रहने की सलाह देते हैं।

हार्ट अटैक किसी भी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना सकती है। लेकिन यह बात भी सामने आई है कि फिट लोगों को भी हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ सकता है। क्योकि बदलते जीवन शैली और खानपान का असर और बदलते वातावरण का प्रभाव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालता है । पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कई मामले सामने आए हैं। डॉक्टर्स भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए अक्सर फिट रहने की सलाह देते हैं।

कोविड-19 के बाद से ही लोग अपनी हेल्थ को लेकर ज्यादा सजग रहते हैं। इतना ही नहीं लोग अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्वों को शामिल कर रहे हैं। लेकिन इन सब के बावजूद कई लोग ऐसे हैं जो अभी भी दिल की बीमारियों से जूझ रहे हैं। साथ ही स्ट्रोक के शिकार भी हो रहे है ।


स्ट्रोक के क्या हो सकते हैं कारण फिट लोगों में ?

डॉक्टर से लेकर हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक कई बार फिट लोग भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक का इसलिए शिकार हो रहे हैं क्योंकि उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत होती है। दरअसल डिहाइड्रेशन ब्लड वेसल्स में एंडोथेलियल के फंक्शन को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। यही वजह है कि ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत होती है। जिसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। बहुत ज्यादा वर्कआउट करना भी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। नींद पूरी न होने के कारण भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

स्ट्रोक से बचने के क्या करे ?

  • सबसे पहले स्ट्रेस लेवल को कम करें, अगर फिट रहना चाहते है तो ।
  • एक्सरसाइज करते वक्त हैं तो एक टाइम लीमिट बनाये, ज्यादा एक्टीविटी करने से बचें ।
  • कुछ खास टेस्ट हमेशा करवाते रहें ।
  • स्मोकिंग और शराब से दूर रहें ।
  • भरपूर नींद लें, क्योकि नींद सबसे ज्यादा जरुरी होती है अच्छे स्वास्थ्य के लिए ।
  • खाने में पोषक तत्वों से भरपूर  मात्रा रखें ।
  • खुद को ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेट रखें और जितना हो सकें पानी पीना चाहिए।

ब्रेन अटैक या स्ट्रोक के कारण

बता दें कि ब्रेन अटैक को ही स्ट्रोक कहा जाता है। ब्रेन में सही तरह ब्लड की सप्लाई न होने की वजह से उसकी रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन भी सही तरह नहीं पहुंच पाता है और ब्रेन काम करना बंद कर देता है। ऐसे समय में अगर तुरंत इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है। हालांकि, स्ट्रोक कभी भी अचानक से नहीं आता है। आने से पहले इसके कई संकेत शरीर में नजर आने लगते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि स्ट्रोक के 43 परसेंट मरीजों ने स्ट्रोक आने से करीब एक हफ्ते पहले तक इसके लक्षणों को महसूस किया था। ऐसे में इन वॉर्निंग साइन को जान लेना चाहिए ।

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