April 18, 2026

हेल्थकेयर:  क्यों होती है ड्राय आइज़ की समस्या,जानिए बचने के उपाय…

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वर्तमान जीवनशैली में आंखों का  सूखापन यानि ड्राय आइज़ एक आम समस्या बन गई है, जिसका शिकार युवा वर्ग के लोग अधिक हो रहे हैं। पहले ड्राय आइज़ की समस्या उम्र के साथ होने वाली परेशानी मानी जाती थी। लेकिन आज युवा वर्ग इससे सबसे अधिक परेशान है। इसके अलावा अब कम उम्र के बच्चे भी इस समस्या से ग्रसित पाए जा रहे हैं। ड्राय आई सिंड्रोम में व्यक्ति को आंखों में सूखेपन का अहसास होने लगता है। यह समस्या तब होती है, जब आंखों में आंसू बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, हालांकि, ड्राय आई होने पर आंखों की रोशनी संबंधित कोई समस्या नहीं होती।

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लक्षण- -आंखों में चुभन, जलन या खरोंच का एहसास होना।
– प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता।
– आंखों का अक्सर लाल रहना।
– कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में कठिनाई।
– रात के समय ड्राइविंग करने में कठिनाई।
– आंखों से पानी आना, यह जलन के कारण होने वाली प्रतिक्रिया है।
– धुंधला दिखाई देना।


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क्यों होती हैं ड्राय आइज़– आंसुओं का उत्पादन प्रभावित होने पर ये समस्या होती है। आंसुओं के फिल्म की तीन परतें होती हैं जो आमतौर पर आंखों की सतह को चिकना और साफ़ रखने में सहायक होती हैं। इनमें से किसी भी परत में समस्या होने के कारण आंखों में सूखापन हो सकता है।

समस्या ऐसे ठीक होगी-इस समस्या के निदान के लिए आंख व आंसुओं का परीक्षण किया जाता है। यदि स्थिति सामान्य है तो कुछ आईड्रॉप्स और दवाइयों से समस्या को कम किया जाता है। हां, जिस व्यक्ति को समस्या है उसे एहतियात बरतने की आवश्यकता भी है, जैसे धूल और प्रदूषण आदि से बचाव।

मददगार उपाय :-

पलकें झपकाएं-  जब आप एयर कंडीशन वातावरण में काम करते हैं, तब वाष्पीकरण बढ़ने से ड्राय आइज़ की आशंका अधिक होती है। हर 15 मिनट में पंद्रह सेकंड का ब्रेक लें और आंखों को बंद कर लें। इससे आंखें नम रहेंगी।

पर्याप्त रोशनी हो- सुनिश्चित करें कि कार्यस्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो। कम्प्यूटर की स्क्रीन अत्यधिक ब्राइट न हो। कम्प्यूटर और आंखों के बीच कम से कम 12 इंच की दूरी हो।

पोषक भोजन-  ऐसे भोजन का सेवन करें जिसमें विटामिन-ए (हरी पत्तेदार सब्जि़यां, गाजर, ब्रोकली आदि) और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (मछली, अखरोट और वनस्पति तेल) अधिक मात्रा में हों।


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तेज़ हवा से बचें- हेयर ड्रायर, कार हीटर्स, एयर कंडीशनर्स या पंखे की हवा को सीधे आंखों पर न आने दें। आंखों को तेज़ और सूखी हवा से बचाने के लिए शील्ड्स व आई ग्लासेस का इस्तेमाल करें।

आंखों को आराम दें- पढ़ रहे हैं या कम्प्यूटर पर काम कर रहे हैं, तो नियमित अंतराल पर विराम लें। लगातार काम से आंखों में जलन भी होने लगती है। कुछ मिनट या सेकंड के लिए आंखों को बंद कर लें या बार-बार पलकों को झपकाएं, ताकि आंसू एक समान रूप से पूरी आंख में फैल जाए।

धूम्रपान से बचें- यदि धूम्रपान करते हैं तो छोड़ दें, क्योंकि धूम्रपान ड्राय आई सिंड्रोम के लक्षणों को गंभीर बना देता है।


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