साहित्य महोत्सव में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय की सशक्त सहभागिता…
रायपुर |श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर ने छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यिक महोत्सव ‘साहित्य महोत्सव’ में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। यह भव्य साहित्यिक आयोजन 24 जनवरी 2026 (शनिवार) को पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर अटल नगर (मुक्तांगन परिसर) में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से 31 विद्यार्थियों का एक दल, संबंधित प्राध्यापक सदस्यों के साथ, इस महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में शामिल हुआ। साहित्य महोत्सव छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख साहित्यिक मंच है, जिसमें प्रदेशभर से प्रसिद्ध लेखक, कवि, साहित्यकार, विद्वान एवं साहित्य प्रेमी एकत्रित हुए।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने साहित्यिक परिचर्चाओं, काव्य-पाठ, लेखक संवाद, पुस्तक प्रदर्शनी तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सक्रिय सहभागिता की। इन सत्रों के माध्यम से छात्रों को साहित्य के विविध रूपों एवं समकालीन साहित्यिक विचारधाराओं से परिचित होने का अवसर मिला, जिससे उनकी शैक्षणिक समझ और रचनात्मक दृष्टिकोण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अनुभवात्मक एवं अकादमिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। इससे विद्यार्थियों के साहित्यिक क्षितिज का विस्तार हुआ तथा भाषा, संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति उनकी समझ और गहरी हुई। इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों में सहभागिता विश्वविद्यालय की समग्र शिक्षा एवं कक्षा से बाहर साहित्यिक-सांस्कृतिक संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस शैक्षणिक भ्रमण का समन्वय डॉ. अर्चना आर. तुपाट, समन्वयक, साहित्य एवं प्रकाशन क्लब, श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। क्लब के अन्य सदस्य डॉ. शेफाली जैन, डॉ. हर्षा वर्मा एवं डॉ. वकील के. यादव भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे और कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय योगदान दिया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) शुभाशीष भट्टाचार्य एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) सौरभ चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस पहल की श्री विशाल गर्ग (सीईओ), डॉ. कमल प्रधान (कुलसचिव), प्रो. विजय सिंह (डीन अकादमिक्स) एवं प्रो. मनीष कुमार पांडे (डीन, कला संकाय) द्वारा भी सराहना की गई। सभी ने साहित्य एवं प्रकाशन क्लब के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इस शैक्षणिक भ्रमण के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कुल मिलाकर, साहित्य महोत्सव में सहभागिता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए एक अर्थपूर्ण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अनुभव रही, जिसने विश्वविद्यालय की साहित्यिक समृद्धि और सांस्कृतिक चेतना के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया।
