छत्तीसगढ़ के अरमान ने इंडिया बुक और हावर्ड में कराया नाम दर्ज, 100 सवालों का 12 मिनट 28 सेकेंड में दिया जवाब…

प्रदेश के बिलासपुर का पांच साल का मासूम बालक अरमान गणित के सवालों को मिनटों में हल कर लेता है। उसका दिमाग कम्प्यूटर की तरह तेज चलता है। यही कारण है कि इस उम्र में उसने दो-दो वर्ल्ड रिकार्ड अपने नाम कर लिए हैं। अरमान उभरानी के इस प्रतिभा को देखकर साल 2022 में इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के साथ ही लंदन के हावर्ड वर्ल्ड रिकार्ड से नवाजा गया है। इस अवार्ड के साथ ही वह सबसे कम उम्र में गणित के गुणांक को हल करने वाला बन गया है।
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आश्चर्य की बात हैं जिस उम्र में बच्चे बोलना और पढ़ना सीखते हैं, उस उम्र में बच्चे का दिमाग कम्प्यूटर की तरह काम करे, ऐसे बच्चे बहुत ही कम मिलते हैं। कुछ ऐसे ही कम्प्यूटर दिमाग वाला है बिलासपुर के तोरवा का बालक अरमान उभरानी। अरमान की माँ साइना उभरानी बताया कि उसे गणित से बहुत लगाव है। वह गणित के सवालों को हल करना पसंद करता है। इससे कहीं ज्यादा उसकी याददाश्त तेज है। साइना ने बताया कि बेटे के तेज दिमाग और याददाश्त को देखकर उन्हें लगा कि उसे गणित के लिए तैयार किया जाए। फिर धीरे-धीरे उसने अपनी गणना क्षमता को विकसित किया। अब वह खुद से मिनटों में गणित के गुणांक को हल कर लेता है।

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बता दें की अरमान अभी 4 साल 11 महीने का है। वह गणित के गुणांक को मिनटों में हल करने की क्षमता रखता है। उसने ऑनलाइन कॉम्पिटिशन में 2 से 20 तक के गुणांक को मात्र 8 मिनट 3 सेकंड में हल करके हावर्ड वर्ल्ड रिकार्ड में अपना स्थान बनाया। इसी तरह से इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए ऑनलाइन ली गई परीक्षा में गणित के 86 प्रश्नों को मात्र 16 मिनट में हल कर वर्ल्ड रिकार्ड पर कब्जा जमा लिया। यही नहीं अरमान ने 100 गुणांक को 3 गुणा एक से मात्र 12 मिनट 8 सेकंड में हल करके अपने ही पहले रिकार्ड को तोड़ने में कामयाब रहा। महज 5 साल के मासूम अरमान के इस हुनर को मिले अवार्ड से नया जोश मिलेगा। हालांकि वह खेल–खेल में ही गणित के सवालों को हल कर लेता है और कम्प्यूटर से भी तेज बोलता है।

साइना ने बताया कि अरमान रात में सोते समय भी गणित के गुणांक और सवालों पर बातें करता है। उसके कम्प्यूटर माइंड व याददाश्त को देखकर उन्हें लगा कि उसे वर्ल्ड रिकार्ड के लिए तैयार किया जाए। जब वर्ल्ड रिकार्ड के लिए दावेदारी की, तब उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा ली थी। जिसे अरमान ने बखूबी पूरा किया। अरमान की मेमोरी काफी स्ट्रांग है उसे गणित की किसी भी सवाल को हल करने में चंद मिनट ही लगते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि वह पूरे समय पढ़ाई ही करता है, बल्कि उसे खेलकूद में भी रुचि है। हम भी चाहते हैं कि उसका मानसिक के साथ शारीरिक विकास हो। इसलिए स्केटिंग और बैडमिंटन खेलने में भी उसका पूरा साथ देते हैं।

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अरमान उभरानी की माँ साइना उभरानी व्यवसायी हैं। वह चॉकलेट किड्स प्री-स्कूल की सह संस्थापक और निदेशिका हैं। अरमान के पिता भी उद्योगपति हैं। उनका दाल मिल है और होटल रेड डायमंड के संचालक भी हैं। अरमान के छोटी सी इस उम्र में मिली कामयाबी को लेकर पेरेंट्स भी बहुत खुश हैं।


