स्वदेशी : आत्मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम, रक्षा मंत्रालय ने 76 हजार करोड़ के हथियार खरीद को दी मंजूरी…
देश के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार 6 जून को सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए 76390 करोड़ रुपए के साजोसामान की खरीदी की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी हैं। गौर करने की बात ये है कि ये सभी साजोसामान स्वदेशी कंपनियों से ही खरीदे जाएंगे। इनमें सेना के लिए एंटी टैंक बख्तरबंद गाड़ियां, नौसेना के लिए आधुनिक जंगी जहाज और वायुसेना के लिए एयरक्राफ्ट के इंजन शामिल हैं।
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सेनाओं के लिए खरीददारी करने का फैसला करने के लिए बनाई गई रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 76,390 करोड़ रुपए लागत के साजोसामान खरीदने के लिए एक्सेप्टेन्स ऑफ़ नेसेसिटी (एओएन) को मंजूर कर लिया। इसके द्वारा सेना के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने वाले विशेष ट्रक, पुल बनाने वाले टैंक, एंटी टैंक मिसाइल से लैस पहिए पर चलने वाली बख्तरबंद गाड़ियां और गोलाबारी की दिशा बताने वाले रडार खरीदे जाएंगे। सभी साजोसामान स्वदेशी कंपनियों से खरीदा जाएगा और स्वदेशी डिजाइन को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके साथ ही नौसेना के लिए 36000 करोड़ रुपए की लागत से नेक्स्ट जनरेशन कोर्वेट्टेस खरीदे जाएंगे। कोर्वेट्टेस ऐसे जंगी जहाज़ होते हैं जिनसे चौकसी करने, व्यापारिक जहाज़ों को सुरक्षा देने, सैनिकों को समुद्र के ज़रिए हमले में मदद करना और खोज़कर हमला करने जैसी कार्रवाइयां की जा सकती है। इन कोर्वेट्टेस को नौसेना की डिज़ाइन के आधार पर स्वदेश में ही बनाया जाएगा।
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डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना-
वायुसेना के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड में डोर्नियर और सुखोई एयरक्राफ्ट के लिए इंजन बनाने को भी मंजूरी प्राप्त हो गई है। पूरे देश के समुद्र तटों पर चौकसी और कार्रवाइयों के लिए सुरक्षित नेटवर्क बनाने के लिए डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना को भी मंजूरी प्राप्त हो गई है।

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