भारत: छह साल में सबसे बुरा बिजली संकट झेल रहा है देश, लोगों का जीवन हुआ दूभर…
देश इस समय बिजली की भयंकर कमी से गुजर रहा है पिछले छह साल में यह सबसे बुरा बिजली संकट है जिसने जलजलाती गर्मी से जीवन को इस कदर प्रभावित किया है कि लोग ना घरों में रह पा रहे हैं ना बाहर निकल पा रहे हैं। जिसकी वजह से स्कूल-कॉलेज आदि भी बंद करने पड़ रहे हैं।
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बिजली की मांग बढ़ने की वजह देश में कोयले की भी बहुत ज्यादा कमी देखी जा रही है, जो भारत में बिजली उत्पादन का सबसे अहम ईंधन है। कोयले के भंडार नौ साल के सबसे कम स्तर पर हैं। गुरुवार को देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड सर्वोच्च स्तर पर थी और अगले महीने यह आठ प्रतिशत और बढ़ सकती है।

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वही इस हफ्ते तमाम दक्षिण एशिया में गर्मी अपने चरम पर रही। गौरतलब हैं की इससे पहले मार्च का महीना इतिहास का सबसे गर्म मार्च साबित हुआ था, जिसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री ने देश में आग लगने के खतरों के प्रति लोगों को आगाह किया था। कई दिन से राजधानी दिल्ली में तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहा और अनुमान है कि यह 44 डिग्री तक जा सकता है। यह आलम तब है जबकि गर्मी का मौसम अभी शुरू हुआ है और मॉनसून के आने से पहले जून में अक्सर सबसे ज्यादा गर्मी होती है।
वहीं ओडिशा में सार्वजनिक स्थानों पर पानी के प्याऊ स्थापित किए गए हैं ताकि आने-जाने वाले लोगों को पानी की दिक्कत ना रहे, जबकि पश्चिम बंगाल के छह जिलों में तापमान औसत से पांच डिग्री ज्यादा रहा है, जिसके कारण मौसम विशेषज्ञों ने कोलकाता में सामान्य से कम बारिश को बताया है। राज्य सरकार ने समय से पहले ही, यानी अगले हफ्ते से स्कूलों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू करने का ऐलान किया है।
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गौरतलब है की बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में यह बिजली संकट और बढ़ सकता है क्योंकि बिजली की मांग बढ़ रही है और गर्मी की वजह से उत्पादन कम हो रहा है। अनुमान है कि बिजली की मांग चार दशक में सबसे ऊंचाई पर पहुंच गई है। गर्मी की वजह खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हर साल हीट स्ट्रोक के कारण गर्मी के मौसम में भारत में हजारों मौतें होती हैं। आईआईटी मुंबई में विशेषज्ञ अर्पिता मंडल बताती हैं, “भारत में ज्यादातर लोग गांवों में रहते हैं जहां एयरकंडिशनर जैसी सुविधाएं नहीं हैं।”

