सीबीएसई : टर्म-2 परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों पर हो आधारित, छात्र कर रहे मांग…
देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड के सेमेस्टर-2 की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आयोजित किये जाने की मांग छात्र उठाने लगे है। इन परीक्षाओं में बैठने वाले छात्र इस मांग को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तक पहुँचाने के लिए ट्वीटर का सहारा ले रहे हैं। छात्रों ने तर्क देते हुए कहा कि बोर्ड ने बीते साल घोषणा की थी कि परीक्षा के लिए स्थिति अनुकूल नही होने पर टर्म-2 परीक्षा 90 मिनट की एमसीक्यू प्रश्नों पर आधारित ली जा सकती है।
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बता दें की बोर्ड ने कोरोना प्रकोप को देखते हुए बीते साल दसवीं बाहरवीं की परीक्षा दो टर्म में आयोजित किये जाने की घोषणा की थी। पहले टर्म की एमसीक्यू आधारित परीक्षा नवंबर-दिसंबर में सम्पन्न हो चुकी है। टर्म -1 में बच्चों के प्रदर्शन को भी जारी किया जा चुका है। अब 26 अप्रैल से टर्म-2 की परीक्षाएं होनी है।
लेकिन परीक्षा से पहले ही कोरोना के मामले बढ़ने लगें हैं खासकर स्कूली बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में छात्रों के साथ साथ परीक्षाओं को लेकर पालक भी सोच में पड़े हैं। पालक और छात्र ट्वीटर पर बोर्ड से टर्म-2 की परीक्षाएं भी एमसीक्यू प्रश्नों पर आधारित लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

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दो टर्म में परीक्षाएं आयोजित किये जाने की घोषणा के समय सीबीएसई ने कहा था कि यदि स्थिति सामान्य वर्णनात्मक परीक्षा के लिए अनुकूल नहीं रहेगी तो टर्म 2 के अंत में भी 90 मिनट की एमसीक्यू आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
वहीं छात्र सीबीएसई टर्म-1 और टर्म-2 की वेटेज पर भी स्पष्ठता चाहते हैं। एक छात्र ने ट्वीटर पर लिखा कि अब कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में टर्म-2 को एमसीक्यू आधारित परीक्षा बनाने का सही समय है। एक अन्य छात्र ने लिखा कि परीक्षाएं या तो एमसीक्यू प्रश्नो पर आधारित हो या फिर ख़ारिज की जाए। एवं छात्रों के एक वर्ग ने बोर्ड से सीबीएसई टर्म-2 परीक्षा को वैकल्पिक बनाने का भी अनुरोध किया।
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