पुराने वैभव के साथ यूनिवर्सिटी का नया स्वरूप: 90% नालंदा यूनिवर्सिटी का निर्माण पूरा…..
नालंदा यूनिवर्सिटी दुनिया की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी जो एक बार फिर से अपने पुराने रूप के साथ तैयार हो चुकी है। यूनिवर्सिटी का कैंपस बिहार के राजगीर में 456 एकड़ में फैला हुआ इतिहास व आधुनिक निर्माण कला का अनूठा संगम है। बता दें की सीढ़ियों और भवन की बनावट अतीत की यादें ताजा करती हैं।

Read More:-श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कुम्हारी में हुआ GPAT-2022 ओरिएंटेशन प्रोग्राम…
दुनिया की इस पहली यूनिवर्सिटी की स्थापना गुप्त काल के दौरान पांचवीं सदी में हुई थी। वहीं बख्तियार खिलजी ने 1199 में इस यूनिवर्सिटी में आग लगवा दी।
कुलपति प्रो. सुनैना सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य 90% पूरा हो गया है। कैंपस में 200 भवन बनकर तैयार हैं। नया कैंपस प्राचीन विवि से 12 किमी दूर है। छोटे सरोवरों से घिरे इस एम्फीथिएटर को देखना सुकून देता है। प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी के आसपास गुप्तकालीन 52 तालाब हैं। उन तालाबों को यूनिवर्सिटी के समकालीन माना जाता है।

Read More:-छत्तीसगढ़ : इंजीनियरिंग छात्र देश की बड़ी कंपनियों में कर सकेंगे इंटर्नशिप….
बता दें की पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 2007 की ईस्ट एशिया समिट में नालंदा यूनिवर्सिटी के रिवाइवल का विचार 16 देशों के साथ साझा किया था। इसके बाद इसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से विकसित करने पर सहमति बनी। 800 साल तक ज्ञान के प्रमुख केंद्र रहे नालंदा विश्वविद्यालय का नया स्वरूप वास्तव में 2014 में आया। सितंबर 2014 में यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की शुरुआत हुई।


