छत्तीसगढ़ अंबेडकर अस्पताल में पहेली बार ऐसी दो विचित्र ऑपरेशन,मिली नई ज़िंदगी….
अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा हॉस्पिटल) के डॉक्टर ने एक ऐसा सफल ऑपरेशन किया है छत्तीसगढ़ में जो अब तक नहीं हुआ था। वहां एक ऐसा मरीज पहुुंचा था जिसके दिल का बायां हिस्सा किसी चीनी मिट्टी के बर्तन की तरह सख्त हो चुका था। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अंबेडकर अस्पताल के एसीआई के हाट, चेस्ट और अवस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक और उपलब्धि हासिल की है। हार्ट पेशेंट के एक साथ दो ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है |
Read More:-2022-23 शैक्षणिक:दिल्ली विश्वविद्यालय ने नए यूजीसीएफ को दी मंजूरी….
बता दें कुछ दिन पहले एक 50 साल का मरीज सांस फूलने, छाती में दर्द की शिकायत लेकर कार्डियक सर्जरी विभाग के HOD और प्रोफेसर डॉक्टर कृष्णकांत साहू की ओपीडी में पहुंचा था। डॉक्टर कृष्णकांत साहू ने प्रारंभिक जांच में ही पता लगा लिया कि मरीज के कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज है। जिसके बाद डॉक्टर ने कुछ और टेस्ट किए और मरीज का एक साथ दो ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के 10 दिन बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे जल्दी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
Read More:-2022-23 शैक्षणिक:दिल्ली विश्वविद्यालय ने नए यूजीसीएफ को दी मंजूरी….
हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर कृष्णकांत साहू ने बताया कि ‘ दो ऑपरेशन एक साथ हुए,पहले मरीज का कोरोनरी आर्टरी बाइपास किया गया। जिसमें पैर की नस को हाथ की नसों से लगाए गया, इसके बाद मरीज के हार्ट को खोलकर मरीज के क्षतिग्रस्त वॉल्व को निकालकर दूसरे वॉल्व को लगाया गया। इस ऑपरेशन में यह बात अहम रही कि मरीज के हार्ट के ऊपर वाला कक्ष का आकर 15X15 सेंटीमीटर का हो गया था जो कि हृदय से आकर से भी ज्यादा था और यह बिल्कुल चीनी मिट्टी के बर्तन की तरह सख्त हो गया था। इसलिए ऑपरेशन का तरीका बदलना पड़ा, इसके साथ ही हृदय के अंदर करीब 150 ग्राम का खून का थक्का निकाला गया। इस तरह के मरीज को लकवा होने का भी बहुत अधिक चांस रहता है’ आखिरकार 6 घंटे चले इस जटिल हार्ट सर्जरी में डॉक्टरों को सफलता प्राप्त हुई।

