ब्लैक होल का खुलेगा राज, इसरो ने एक्सपो सैटेलाइट लॉन्च कर रचा इतिहास…  

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ISRO XPoSat Launch  : इसरो ने साल के पहले अंतरिक्ष मिशन में एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है। इस मिशन के माध्यम से अमेरिका के बाद भारत ब्लैक होल (आकाशगंगा) और न्यूट्रॉन सितारों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष सैटेलाइट भेजने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है। सैटेलाइट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। यह मिशन करीब पांच साल का होने वाला है।

सैटेलाइट का यह होगा काम

इसरो के चंद्रयान-3 और आदित्य एल 1  मिशन के बाद यह देश का अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक नया ऐतिहासिक कदम होगा। इसरो ने साल के पहले अंतरिक्ष मिशन में एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है। एक्स-रे पोलेरिमीटर सैटेलाइट’ (एक्सपोसैट) मिशन के जरिए इसरो ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स की स्टडी करने वाला है। श्रीहरिकोटा से इसे लॉन्च कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से साल का पहला मिशन लॉन्च किया गया । मिशन की लॉन्चिंग के साथ ही भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स की स्टडी के लिए स्पेशलाइज्ड एस्ट्रोनॉमी ऑब्जर्वेट्री को स्पेस में भेजा है । एक्सपोसैट एक तरह से रिसर्च के लिए एक ऑब्जर्वेट्री है, जो अंतरिक्ष से ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाएगी।

मिशन एक्सपोसैट लॉन्चिंग हुई सफल

पीएसएलवी रॉकेट के जरिए एक्सपोसैट सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा गया है। ये सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जहां से पृथ्वी की दूरी 650 किमी है। एक्स-रे पोलेरिमीटरी एक्सप्लोरर या IXPE नामक मिशन के बाद ये अपनी तरह का दूसरा मिशन है । ये मिशन मर चुके तारों को समझने की कोशिश करेगा । एक्स-रे फोटोन और पोलराइजेशन की मदद से एक्सपोसैट ब्लैक होल और न्यूट्रॉन सितारों के पास रेडिएशन की स्टडी करेगा ।

बता दे कि ब्लैक होल ब्रह्मांण में मौजूद ऐसा ऑब्जेक्ट है, जिसका सबसे ज्यादा गुरुत्वाकर्षण बल होता है, जबकि न्यूट्रॉन सितारों का घनत्व सबसे ज्यादा होता है। भारत अपने इस मिशन के जरिए ब्रह्मांण के सबसे अनोखे रहस्यों को उजागर करने की कोशिश करेगा। नए साल का पहला दिन कुछ लोग अभी सुबह की पहली चाय पी रहे थे, उधर इसरो का ‘महाबली’ यान गर्जना करते हुए आसमान की तरफ बढ़ चला ।  पीएसएलवी की गड़गड़ाहट भारतीयों के रोम-रोम में एक नया उत्साह भर रही थी । बाद में इसरो के डायरेक्टर सोमनाथ ने मिशन की सफलता की घोषणा करते हुए कहा भी कि इसके साथ नया साल शुरू हो गया है और वैज्ञानिकों के साथ पूरे देश में खुशियां मनाई गईं।

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