स्वस्थ मस्तिष्क, स्वस्थ जीवन : नियमित जांच, सही खानपान और व्यायाम से ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को करें कम…
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रायपुर। ब्रेन स्ट्रोक, जिसे हम आमतौर पर स्ट्रोक के नाम से जानते हैं, आज भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। हाल के वर्षों में इसके मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है, जिससे यह जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन गया है।
कारण: तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित खानपान, और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण इस वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं।

लक्षणों की पहचान और तत्काल उपचार
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान समय पर करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए BE FAST विधि अपनाई जाती है:
B – चेहरे का एक ओर झुकना
E – आंखों की दृष्टि में धुंधलापन
F – बोलने में कठिनाई
A – हाथ या पैरों में कमजोरी
S – संतुलन की समस्या
T – समय की महत्ता (तत्काल चिकित्सा सहायता लें)
भारत में ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामले
मामलों में वृद्धि: 1990 में भारत में ब्रेन स्ट्रोक के लगभग 6.5 लाख नए मामले सामने आए थे, जो 2021 में बढ़कर 12.5 लाख हो गए, यानी 51% की वृद्धि। इस वृद्धि में पर्यावरणीय कारकों, जैसे वायु प्रदूषण, का भी योगदान है।
मृत्यु दर: ब्रेन स्ट्रोकसे होने वाली मृत्यु दर भी बढ़ी है। 1990 में यह दर 44 प्रति 1,00,000 थी, जो 2021 में बढ़कर 55 प्रति 1,00,000 हो गई।
युवाओं में बढ़ता जोखिम
युवाओं में वृद्धि: पहले 50 वर्ष से ऊपर की आयु के लोग ब्रेन स्ट्रोक के अधिक शिकार होते थे, लेकिन अब 30-40 वर्ष की आयु वर्ग में इसके मामले 5% से बढ़कर 10-15% हो गए हैं।समय पर उपचार से जीवन बचाया जा सकता है और स्थायी विकलांगता को रोका जा सकता है।

जागरूकता अभियान और सरकारी प्रयास
“ब्रेन स्ट्रोक – Time to Act” अभियान: भारतीय स्ट्रोक एसोसिएशन ने इस अभियान के माध्यम से लोगों को ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूक किया है ।
MS धोनी के साथ जागरूकता अभियान में एम्सक्योर फार्मास्युटिकल्स ने क्रिकेट खिलाड़ी MS धोनी के साथ मिलकर ब्रेन स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाया है।
रोकथाम के उपाय
ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:-
स्वस्थ जीवनशैली: नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और पर्याप्त नींद लें।
रक्तचाप और शर्करा का नियंत्रण: उच्च रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखें।
धूम्रपान और शराब से दूरी: इन आदतों से बचें, क्योंकि ये ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं।
नियमित स्वास्थ्य जांच: नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं, ताकि किसी भी समस्या का समय पर निदान हो सके।
निष्कर्ष
ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से इससे बचाव संभव है। जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम इस समस्या से निपट सकते हैं। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
