July 23, 2024

आखिर क्यों मनाते हैं 1 जनवरी को ही नया साल…

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45 ईसा पूर्व रोमन साम्राज्य में कैलेंडर का चलन हुआ करता था । रोम के तत्कालीन राजा नूमा पोंपिलुस के समय रोमन कैलेंडर में 10 महीने होते थे, साल में 310 दिन और सप्ताह में 8 दिन । कुछ समय बाद नूमा ने कैलेंडर में बदलाव कर दिए और जनवरी को कैलेंडर का पहला महीना माना गया । 1 जनवरी को नया साल मनाने का चलन 1582 ई. के ग्रेगेरियन कैलेंडर की शुरुआत के बाद हुआ ।

साल का पहला महीना जनवरी ऐसे बना

1582 से पहले नया साल मार्च से वसंत ऋतु पर शुरू होता था लेकिन नूमा के फैसले के बाद जनवरी से साल की शुरुआत होने लगी । दरअसल मार्च महीने का नाम रोमन देवता मार्स के नाम पर रखा गया था, जो युद्ध के देवता थे । वहीं जनवरी रोमन देवता जोनस के नाम के नाम पर पड़ा, मान्यता थी कि जोनस के दो मुंह थे । उनका आगे वाला मुंह शुरुआत और पीछे वाला मुंह अंत माना जाता था । नूमा ने साल के आरंभ के लिए शुरुआत के देवता जोनस का चयन किया और इस तरह जनवरी को साल के पहले महीने के रूप में मनाया जाने लगा ।


ग्रिगोरियन कैलेंडर बना कैसे  ?

जीसस क्राइस्ट के जन्म से 46 साल पहले रोमन के राजा जूलियस सीजर ने नई गणनाओं के आधार पर नया कैलेंडर का निर्माण किया गया । इसका नाम गसीजर ने ही 1 जनवरी से नए साल के शुरुआत की घोषणा की । धरती 365 दिन, 6 घंटे सूर्य की परिक्रमा करती है । ऐसे जब जनवरी और फरवरी माह को जोड़ गया तो सूर्य की गणना के साथ इसका तालमेल नहीं बैठा इसके बाद खगोलविदों ने इस पर गहन अध्ययन  किया । किसी भी कैलेंडर को सूर्य चक्र या चंद्र चक्र की गणना पर आधारित बनाया जाता है । चंद्र चक्र पर बनने वाले कैलेंडर में 354 दिन होते हैं । वहीं, सूर्य चक्र पर बनने वाले कैलेंडर में 365 दिन होते हैं । ग्रिगोरियन कैलेंडर सूर्य चक्र पर आधारित है। अधिकतर देशों में ग्रेगोरियन कैलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाता है ।

दुनिया भर में अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं वाले लोग रहते हैं, और वह सभी अपने कैलेंडर के मुताबिक नया साल मनाते है। साथ ही आज के समय में ज्यादातर लोग इंग्लिश कैलेंडर का इस्तेमाल करते हैं और अंग्रेजी कैलेंडर में 1 जनवरी को हो नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 1 जनवरी को नए साल मनाने की परंपरा काफी पुरानी है और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं

रोमन कैलेंडर

सबसे पहले नए साल की शुरुआत 45 BCE में हुई थी। आमतौर पर यही माना जाता है कि, 1 जनवरी को नया साल मनाने की परंपरा प्राचीन रोमन कैलेंडर से जुड़ी है। उस समय रोमन कैलेंडर मार्च महीने से शुरू होता था और एक साल में कुल 355 दिन का होता  था, जिसमें रोमन डिक्टेटर जूलियस सीजर ने 1 जनवरी को साल का पहला दिन बताया था, जूलियस सीजर ने इस कैलेंडर में बदलाव किया था। इस कैलेंडर में साल की शुरुआत को जनवरी के पहले दिन से माना जाता था। सर्दी मौसम का आगमन इसी समय होता है, जिसे नए साल पर नए शुरुआत का प्रतीक माना जाता था।


वहीं, पोप ग्रेगोरी ने जूलियन कैलेंडर में सुधार करते हुए जनवरी महीने का पहला दिन तय किया। इसलिए, 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म के बाद 1 जनवरी को नए साल के तौर पर मनाया जाने लगा। साथ ही एक मान्यता यह भी है कि 4000 साल पहले प्राचीन बेबीलोनियन सभ्यता के दौरान नया साल 11 दिन तक सेलिब्रेट किया जाता था।

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