April 19, 2026

बिजली संकट: देश के कई राज्यों में 11-11 घंटे लाइट नहीं, बंद करनी पड़ेंगी फैक्ट्रियां…

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देश के कई राज्यों में भयंकर गर्मी और कोयले की कटौती के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश समेत देश के तमाम राज्यों में बिजली संकट पैदा हो गया है। अघोषित बिजली कटौती से आम लोगों के साथ-साथ उद्योगपति भी परेशान हैं। कई जगहों पर 11-11 घंटे की कटौती हो रही है।

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तप्तपाती गर्मी के बिच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश समेत देश के तमाम राज्यों में अघोषित बिजली कटौती आग में घी डालने का काम कर रही है। हालाँकि देश के तमाम हिस्सों में हो रही बिजली कटौती के पीछे कोयले की कमी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। लेकिन अब बिजली कटौती से न सिर्फ जनता बल्कि कारोबारी और व्यापारी भी परेशान हो रहे हैं। बता दें की सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) की डेली कोल स्टॉक रिपोर्ट में कहा गया है कि 165 थर्मल पावर प्लांट्स में से 56 में 10 फीसदी या उससे कम कोयला बचा है और कम से कम 26 के पास 5 फीसदी से कम स्टॉक बचा है। भारत की 70 फीसदी बिजली की मांग कोयले से पूरी होती है।


 

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वहीं गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन का कहना है कि अघोषित बिजली कटौती से भारी नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने स्पेशल पावर सप्लाई की मांग की है, ताकि उनके उद्योग चल सकें। साथ ही एसोसिएशन की तरफ से बिजली की निश्चित दरों में भी कटौती की मांग की है। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने देश में बढ़ रहे बिजली संकट पर अहम बैठक बुलाई है जो कुछ देर में शुरू होने वाली है।

दूसरी तरफ गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चीफ जेएन मंगला ने कहा, इन उद्योगों में मशीनों को बिना रुके चलना होता है। लेकिन बिजली कटौती के चलने से मशीनें रुक जाती हैं, इसके चलते हमें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, औसतन हर रोज 11-11 घंटे की कटौती की जा रही है। इससे खासकर छोटी यूनिट को चलाना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन से कहा गया है कि बिजली की स्थिति 15 मई के बाद ठीक होगी। मंगला ने कहा, कई उद्योग 15 दिन तक ऐसी स्थिति का सामना नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, न सिर्फ उद्योग बल्कि आईटी कंपनियां जो रात में अपने विदेशी क्लाइंट के लिए काम करती हैं, उन्हें भी इस स्थिति का सामना करने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि उद्योगों से बिजली बिल के अलावा 15,000 रुपए फिक्स्ड चार्ज के तौर पर वसूला जाता है लेकिन अगर बिजली नहीं आ रही है, तो इसे नहीं लिया जाना चाहिए।

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