भारतीय रक्षा कार्यक्रम: अब सेना चलाएगी स्वदेशी हथियार…
देश में केंद्र सरकार भारत की तीनों सेनाओं को विदेशी हथियारों से आज़ाद करना चाहती है। इस लिए स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर दिया है। सरकार ने विदेशी हथियारों की खरीद-फरोख्त पर अब रोक लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। बता दें की करीब 70 फीसदी रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण हो चुका है। अब आपको भविष्य में तीनों सेनाओं को देश में बने राइफल्स, टैंक्स, मिसाइलें, हेलिकॉप्टर, यूएवी, ड्रोन्स आदि मिलेंगे।
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सरकार के इस कदम का उद्देश्य हैं की मेड इन इंडिया उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्वदेशी हथियार और रक्षा उपकरण निर्माता कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्हें अपने उत्पादों को एक्सपोर्ट करने की भी छूट दी जाएगी। गौरतलब हैं की लोकसभा में 1 अप्रैल 2022 को एक सवाल के जवाब में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने इस काम को चार हिस्सों में बांटा है। उपकरण ये चार हिस्से हैं- मेक-1, स्पेशल पर्पज व्हीकल, आईडीईएक्स और मेक-2.

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देंखे इन चार हिस्सों में किस तरह के उपकरण और हथियार आएंगे-
मेक-1 में 14 रक्षा उत्पाद होंगे ये हैं- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल, डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिवाइस और लेजर डिवाइस), नेवल शिप बॉर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम, लाइट वेट टैंक, सेल्फ हीलिंग माइन फील्ड्स, अनमैन्ड ऑटोनॉमस एआई बेस्ड लैंड रोबोट, 127 मिमी नौसैनिक गन, 127 मिमी गाइडेग प्रोजेक्टाइल, जहाजों के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन इंजन, स्टैंडऑफ एयरबोर्न जैमर, लिथियम-आयन सेल्स / लिथियम – सल्फर सेल्स, कम्यूनिकेशन सिस्टम्स, इलेक्ट्रो ऑप्टिल पॉड विद हाई रेजोल्यूशन सेंसिंग और प्लग एंड प्ले हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर. स्पेशल पर्पज व्हीकल मॉडल में लंबी दूरी के अनमैन्ड एरियल व्हीकल जैसे हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस और इंडियन मल्टी रोल हेलिकॉप्टर. आईडीईएक्स के तहत निचली कक्षा में घूमने वाले सूडो सैटेलाइट्स. मेक-2 में एंटी- जैमिंग सिस्टमस् फॉर मल्टिपल प्लेटफॉर्म्स।
बता दें की डिफेंस एक्वेजिशन प्रोसीजर (DAP-2020) के तहत स्वदेशी हथियारों-उपकरणों को पहले चुना जाएगा। औद्योगिक स्तर पर डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए 18 प्रमुख डिफेंस प्लेटफॉर्म्स को चुना गया है। सर्विसेज संबंधी 209 आइटम्स को सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के 2851 रक्षा उपकरणों और 107 लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स को भी इस सूची से जोड़ा गया है।
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स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए खोले गये नए रास्ते-
केंद्र सरकार रक्षा उपकरणों से जुड़े उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बना रही है। साथ ही ज्यादा समय के लिए लाइसेंस देने का प्रावधान कर रही है। इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस की शुरुआत की है, ताकि स्टार्ट-अप्स और माइक्रो, स्माल और मीडियम एंटरप्राइज को मौका मिल सके। सृजन पोर्टल की शुरुआत की गई है, ताकि MSME’S को इसके जरिए अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने का मौका मिल सके।

दो डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर्स यूपी और तमिलनाडु में बनाएंगे –
उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में दो डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर्स बनाए जा रहे हैं तमिलनाडु में ये कॉरीडोर चेन्नई, होसुर, कोयमंबटूर, सलेम और तिरुचिरापल्ली तक फैला होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, आगरा, झांसी, कानपुर, चित्रकूट और लखनऊ तक होगा।


