मुख्यमंत्री ने किसानों को सामग्री और चेक बांटकर किया राज्य स्तरीय कृषि समृद्धि मेले का समापन…
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि समृद्धि मेला के समापन समारोह में शामिल हुए . मुख्यमंत्री ने कहा है कि धान की तरह अन्य फसलों के उत्पादन के लिए भी सहकारी बैंक से आसानी से ऋण मुहैया कराया जायेगा। इसके लिए ऋणमान में भी बदलाव किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान दलहन-तिलहन और नकद फसलों की खेती कर ज्यादा आमदनी कमा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना का उत्साहजनक परिणाम मिल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य ने कहा कि हमारी आजीविका का प्रमुख आधार कृषि है। नये-नये प्रयोग से राज्य में कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। इसके बाद भी हमें आगे बहुत कुछ करना बचा है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी एवं वानिकी के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। बिलासपुर संभाग में सिंचाई की अच्छी सुविधा है और किसान मेहनतकश हैं। राज्य सरकार के सहयोग से जरूर उद्यानिकी का रकबा यहां बढ़ेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये कृषि मंत्री ने कहा कि तीन दिनों में 30 हज़ार से ज्यादा लोगों ने मेले का अवलोकन कर खेती-किसानी की उन्नत तकनीकी सीखी है। इन नई तकनीकों का इस्तेमाल वे अपनी खेतों पर करेंगे और ज्यादा लाभ कमायेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की का रास्ता खेती-किसानी से होकर जाता है। इसलिए सरकार तमाम योजनाएं लाकर किसानों को आर्थिक तौर से मजबूत कर रही है।
Watch More :- click here
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि हमने न केवल किसान बल्कि कृषि मज़दूरों की सहायता का ख्याल भी हमने रखा है। लगभग साढ़े 3 लाख कृषि मज़दूरों को साल में 6 हज़ार की सहायता कर रहे हैं।
Read More :- कृषि विश्वविद्यालयों में अब होगी प्राकृतिक खेती की पढ़ाई , UG-PG पाठ्यक्रम में किये जा रहे सुधार…


