Google Doodle: चेचक का टीका बनाने वाले मिचियाकी ताकाहाशी को समर्पित आज गूगल डूडल….
गूगल डूडल आर्ट के माध्यम से आज दे रहा मिचियाकी ताकाहाशी को सम्मान, आज का डूडल इसी तरह कुछ खास है। गूगल का डूडल आज चेचक के वैक्सीन की खोज करने वाले डॉक्टर मिचियाकी ताकाहाशी के जन्मदिवस को समर्पित है। जापान के वायरोलॉजिस्ट ताकाहाशी ने चिकनपॉक्स के खिलाफ काम करने वाली पहली वैक्सीन की खोज की थी। इस वैक्सीन के कारण दुनियाभर में चिकनपॉक्स और इसके संक्रमण को रोकने में मदद मिली है। करोड़ों बच्चों को इस टीके की डोज लगाई गई है।

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मिचियाकी ताकाहाशी-
मिचियाकी ताकाहाशी का जन्म साल 1928 में हुआ था। उन्होंने अपनी मेडिकल की डिग्री ओसाका विश्वविद्यालय से ली थी। इसके बाद वह साल 1959 में रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर माइक्रोबियल डिजीज गएं। उन्होंने यहां खसरा और पोलियो के वायरस पर अध्ययन किया और इसके बाद 1963 में अमेरिका के बायलर कॉलेज में एक शोध फेलोशिप स्वीकार की। इसी दौरान उनके बेटे को चेचक हो गया। इस घटना ने ताकाहाशी को इस वायरस के टीके की खोज करने को प्रेरित किया।
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वैक्सीन का निर्माण-
ताकाहाशी ने पशुओं और मानव ऊतक में कमजोर चेचक के वायरस पर शोध करते हुए वैरिसेला वैक्सीन विकसित की। शोध के दैरान यह टीका वायरस पर काफी प्रभावी साबित हुआ। इसके बाद साल 1986 में रिसर्च फाउंडेशन फॉर माइक्रोबियल डिजीज ने जापान में वैरिसेला वैक्सीन के वितरण को शुरू किया। यह वैक्सीन डब्लूएचओ द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र वैक्सीन थी।
बता दें की कुछ सालों बाद ताकाहाशी को ओसाका विश्वविद्यालय के माइक्रोबियल डिजीज स्टडी ग्रुप के निदेशक के रूप में नियुक्ति दी गई। वह अपने रिटायरमेंट तक इस पद पर बने रहें। इस डूडल को जापान के ही कलाकार तात्सुरो किउची ने बनाया है। उन्होंने इसके पीछे अपने विचार साझा करते हुए बताया कि वह यह बात समझने में सक्षम हैं कि वैक्सीन किसी संक्रामक बीमारी को रोक सकते हैं और पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।

