1980 के दशक में विकसित दुनिया का सबसे बड़ा विमान कार्गो हुआ तबाह…
कई दिनों से चल रही रूस और यूक्रेन जंग में अब रूसी सेना ने यूक्रेन में कीव के पास दुनिया के सबसे बड़े विमान को तबाह कर दिया है। इस विमान के नाम बहुत सारे रिकॉर्ड हैं। 1980 के दशक में इसे वायुमंडल से सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया था। लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद इसे कार्गो प्लेन के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
विमान एन्टोनोव एएन-225 मरीया को नष्ट कर दिया है। यूक्रेन सरकार ने दावा किया है कि विमान को रूसी सेना ने दोस्तोमेल हवाई अड्डा पर कब्जा करने के बाद तबाह कर दिया है। इसी हवाई हड्डे पर इस विशाल विमान का रखरखाव किया जाता था। यूक्रेन का कहना है कि रूस ने भले ही दुनिया का सबसे बड़ा विमान नष्ट कर दिया हो, लेकिन वे इस विमान को फिर से बनाएंगे।

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एएन 225 मरीया एक सुपर हैवी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट था शुरू में इसे 1980 के दशक में बुरान शटल ऑर्बिटर और इनर्जिया कैरियर रॉकेट के हिस्सों के परिवहन के लिए विकसित किया गया था इसका उद्देश्य इसे अंतरिक्ष में उड़ते हुए लॉन्चिंग साइट के रूप में इस्तेमाल करने का था यह सोवियत संघ के रीयूजेबल एरोस्पेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा था जिसमें एक विमान पहला चरण बनता था और ईंधन टैंक वाले एक छोटे आकार का स्पेस शटल दूसरा चरण बनता था।
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कार्गो विमान (मारिया) है एन्तोनोव कंपनी की अनुसार मारिया दुनिया के किसी भी कोने में बहुत भारी सामान पहुंचा सकता है इसकी गति 800 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है और यह हवा में 9 किलोमीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है। साल 1988 में इस विमान ने अपनी पहली उड़ान भरी थी और 1989 में 3 घंटे 24 मिनट की उड़ान में उसने 110 रिकॉर्ड बनाए थे।


