July 17, 2024

राष्ट्रीय मतदाता दिवस : 25 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है जानिए पूरी जानकारी…

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भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा । पहली बार इसे वर्ष 2011 में मनाया गया। इसके मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान करना, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी हो।

इस सिलसिले में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे और उन्हें निर्वाचन फोटो पहचान पत्र सौंपे जाएंगे। पहचान पत्र बांटने का काम सामाजिक, शैक्षणिक व गैर-राजनीतिक व्यक्ति करेंगे। इस मौके पर मतदाताओं को एक बैज भी दिया जाएगा, जिसमें लोगो के साथ नारा अंकित होगा ‘मतदाता बनने पर गर्व है, मतदान को तैयार हैं


राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्त्व

मतदान दिवस मनाने का मुख्य कारण  यह है कि लोगो को मतदान का महत्व बताया जाए ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो और सही उम्मीदवार को चुने जिससे हमारे देश  का विकास एक अवरुद्ध दिशा में चल सके | भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है। इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है। इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 2024 की थीम

मतदाताओ को जागरूक करने के लिए हर साल अलग-अलग थीम पर यह दिवस मनाया जाता है बता दे कि 2023 की थीम ‘नथिंग लाइक वोटिंग, आई वोट फॉर श्योर’ था उसी प्रकार इस बार की थीम  ‘वोट जैसा कुछ नही वोट जरुर डालेंगे हम’ पर मतदाताओ को जागरूक किया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस को कैसे मनाते है ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर अलग-अलग कैंप लगाए जाते हैं और फर्स्ट टाइम वोटर्स को उनका मतदाता फोटो पहचान पत्र दिया जाता है। कई जगहों पर युवाओं के लिए सेल्फी प्वाइंट भी लगाए जाते हैं। भारत 14 वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने जा रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग ने तमाम राज्यों और जिलों में तैयारियां की हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र का दुनिया में सबसे बड़ा साथ – साथ मनाया जाने वाला उत्सव है जो भारतीय निर्वाचन प्रणाली, भारत निर्वाचन आयोग और हमारे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की शक्ति और स्थायित्व को निर्देशित करता है ।

कब से हुई राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मनाने की शुरुआत

राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मनाने की शुरुआत तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पहली बार साल 2011 में की थी। इसी वर्ष पहली बार 25 जनवरी के दिन राष्ट्रीय मतदाता मनाया गया था। इस साल 2024 में भारत अपना 14वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने जा रहा है।
आखिर 25 जनवरी के दिन ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस
साल 1947 में भारत आजाद हुआ था। इसके तीन साल बाद 26 जनवरी के दिन भारत का संविधान लागू हुआ। संविधान लागू होने से एक दिन पहले यानी 25 जनवरी, 1950 को भारत के चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। इसी वजह से हर साल 25 जनवरी के दिन भारत का राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।

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