July 24, 2024

दुनिया का पहला एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर ‘डेविन’ को चुनौती देगी भारत की ‘देविका’…

0
देविका

देविका

नई दिल्ली । अमरीका के द्वारा पिछले ही महीने में दुनिया का पहला एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर लांच किया गया । जिसका नाम ‘डेविन’ रखा गया । जिसको स्टार्टअप कॉग्निशन लैब्स द्वारा पेश किया गया दुनिया का पहला एआई कोडर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते समय के साथ टेक्स्ट, वीडियो, चित्र और कोडिंग के निर्माण में नये मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो अपने कोड संपादक के साथ स्वचालित रूप से स्वायत्त रूप से काम करने में सक्षम है डेविन एआई साधारण कमांड को वेबसाइट या सॉफ्टवेयर प्रोग्राम में बदल सकता है ।

भारत की ‘देविका’ देगी टक्कर

भारत में निर्मित ओपन-सोर्स एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मिलें जिसका लक्ष्य दुनिया के पहले ‘एआई कोडर’ डेविन को चुनौती देना है। देविका और भारत निर्मित एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की घोषणा लिमिनल और स्टिशन। एआई के 21 वर्षीय संस्थापक मुफीद हमचाकुट्टी ने की है। जिसने डेविन को देखकर विचार किया कि इसका स्वदेशी संस्करण भी तैयार किया जाना चाहिए । फिर देविका पर काम शुरू करके केवल एक महीने से भी कम समय में ही तैयार कर दिया । इसी के साथ वह साइबर सुरक्षा उत्पादों के निर्माण पर भी ध्यान केन्द्रित किये हुए है । जिसके लिए इंडिया स्किल्स 2021 में स्वर्ण पदक भी जीता है । देविका का लक्ष्य डेविन को चुनौती देना है । जो मानव निर्देशों को समझ सकता है ।


देविका में लगे है 12 एजेंट मॉडल

एआई पर यूजर्स की क्वेरी करने के लिए देविका में 12 एजेंट मॉडल लगाये गये है । जो समझने, ब्राउज करने, रिसर्च, कोड, डॉक्यूमेंट बनाने के साथ – साथ फैसला करने के लिए फीडबैक लूप में एक – दूसरे से बातचीत कर सकेंगे। ओलामा के जरिये भी यह मॉडल क्लाउड 3, जीपीटी 4, जीपीटी 3 .5   व लोकल एलएलएम (लार्ड लैंग्वेज मॉडल ) को सपोर्ट करेगा ।

अपने कोड का संचालन, संशोधन भी

मुफीद हमजाकुट्टी के मुताबिक देविका खुद के लिखे कोड चला सकती है साथ ही यूजर्स के इंटरवेशन के बगैर किसी भी तरह की मुश्किल आने पर कोड खुद को ठीक कर सकेगा । डेविन का निर्माण गीटहब, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट असिस्टेंट के तौर पर किया था । जो कंप्यूटर बग की पहचान क्र उसे ठीक क्र सकता है ।

_Advertisement_
_Advertisement_
_Advertisement_

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *