श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर वेस्ट से बेस्ट की प्रेरक पहल…
रायपुर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय द्वारा एक अनूठी पहल करते हुए “वेस्टलैंड टू वंडरलैंड” (बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

इस अवसर पर संपूर्ण विश्वविद्यालय परिसर युवाओं की रचनात्मकता और नवाचार से सराबोर दिखाई दिया। प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक की बोतलें, पुराने अखबार, कार्डबोर्ड बॉक्स, धातु के टुकड़े और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) जैसी बेकार समझी जाने वाली सामग्रियों से अद्भुत कलाकृतियाँ और वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए।
प्रदर्शनी में नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित कार्यशील मॉडल, आकर्षक सजावटी वस्तुएँ, बहुउपयोगी ऑर्गनाइज़र और जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाने वाले लघु मॉडल विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ. आर. पी. राजवाड़े, डॉ. खुशबू वर्मा, डॉ. रूपल पुरेना, डॉ. आकांक्षा दुबे, डॉ. आयंतिका पाल एवं इंद्रजीत साहू ने किया।

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सौरभ चतुर्वेदी सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रतिभागियों के मॉडलों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल में शामिल प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. मिथलेश सिंह एवं डॉ. प्रज्ञा नंदन बंजारे द्वारा किया गया। मूल्यांकन का आधार रचनात्मकता एवं मौलिकता, प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता, प्रस्तुति कौशल और सामाजिक जागरूकता से विषय-वस्तु की प्रासंगिकता को बनाया गया।

प्रथम पुरस्कार, एप्लाइड साइंस विभाग की टीम – मोनिका श्रीवेश, आस्था कोडवानी एवं बबली हलदर को उनके कंडेंसर (संघनित्र) के कार्यशील मॉडल के लिए प्रदान किया गया।
द्वितीय पुरस्कार, हेल्थ एवं एलाइड साइंस विभाग की टीम – वंशिका कश्यवानी और ओम ठाकुर को उनके जल शोधन (वाटर फिल्ट्रेशन) के कार्यशील मॉडल के लिए प्रदान किया गया।

तृतीय पुरस्कार, मयंक के. पैकरा, आर्यन गुप्ता एवं मानसी वर्मा को उनके उत्कृष्ट डीएनए मॉडल के प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।
इस “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों की छुपी हुई रचनात्मक प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग), संसाधनों के संरक्षण और सतत जीवनशैली (सस्टेनेबल लिविंग) जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेशों को भी मजबूती से स्थापित किया।
