छत्तीसगढ़ में बिजली दर महंगी : प्रस्तावित दरों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा जनसुनवाई, आज अंतिम दिन…
प्रदेश में बिजली की प्रस्तावित नई दरों पर राज्य विद्युत नियामक आयोग में गुरुवार से जनसुनवाई शुरू हो चुकी है। दो दिन तक चलने वाली इस जनसुनवाई के पहले दिन कृषि व उससे संबंधित कार्य, गैर घरेलू और घरेलू उपभोक्ताओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई। उपभोक्ताओं ने बिजली वितरण कंपनी के घाटे के लिए कंपनी के ही कुप्रबंधन और नाकामियों को जिम्मेदार ठहराया।
उपभोक्ताओं ने कहा कि कंपनी लाइन लास में कमी नहीं ला पा रही है। बिलिंग और वसूली भी शत-प्रतिशत नहीं कर पा रही है। इसी कारण से कंपनी का नुकसान बढ़ रहा है। कंपनी इसे नियंत्रित करने की बजाए उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा रही है। उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों ने आयोग से बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया है।

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राज्य के नगरीय निकायों पर 350 करोड़ व अन्य विभागों पर बिजली बिल का करीब 800 करोड़ रुपये बकाया है। उपभोक्ता प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनी यदि यही वसूली कर ले तो उसके घाटे की पूर्ति हो जाएगी, लेकिन कंपनी विभागों से वसूली नहीं कर पा रही है।
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लाइन लास 18 प्रतिशत-
स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने आयोग को कहा कि प्रदेश में लाइन लास फीसद है। कंपनी ने इसे 15 फीसद के नीचे नियंत्रित रखने की बात कही है, लेकिन इसको लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसी तरह कंपनी 92 फीसद ही बिलिंग कर पाती है बाकी आठ प्रतिशत बिलिंग नहीं कर पाती है। इसमें भी 10 फीसद बिल की वसूली हो पा रही है। इसी वजह से कंपनी को नुकसान हो रहा है।
745 करोड़ का घाटा-
आयोग को दिए प्रस्ताव में वितरण कंपनी ने मौजूदा दर पर वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3642 करोड़ रुपये का लाभ होने का अनुमान बताया है, लेकिन पिछले वित्तीय वर्षों में हुए 4388 करोड़ के घाटे की पूर्ति के कारण से कंपनी को 745 को अतिरिक्त राजस्व की जरूरत पड़ेगी। यानी कंपनी को 745 करोड़ का नुकसान होगा।
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डाक्टरों की श्रेणी बदलने की मांग-
जनसुनवाई में पहुंचे इंडियन मेडिकल काउंसिल (आइएमए) की राज्य इकाई के सदस्यों ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़े उपभोक्ताओं को दी जा रही पांच प्रतिशत की छूट को बहाल करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने डिस्पेंसरी और नर्सिंग होम को अलग श्रेणी में रखने का भी अनुरोध आयोग से किया है।
आज आखरी दिन सुनवाई का-
आज शुक्रवार को आयोग में चल रही जनसुनवाई का आखिरी दिन है। शुक्रवार को उच्च दाब उपभोक्ता सुबह 11 से डेढ़ बजे तक अपना पक्ष आयोग के सामने रखेंगे। इसके बाद ढाई से साढ़े चार बजे तक का समय निम्न दाब और साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक का समय स्थानीय निकाय, नगर निगम, ट्रेड यूनियन और अन्य के लिए निर्धारित किया गया है।


