ई-संजीवनी भारत सरकार द्वारा नागरिकों के लिए पहली ऑनलाइन ओपीडी परामर्श सेवा… 

0

 ई-संजीवनी भारत सरकार द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली पहली ऑनलाइन ओपीडी (आउट पेशेंट) परामर्श सेवा है। सरकार के अनुसार यह पहली बार है जब किसी देश की सरकार अपने नागरिकों को ऑनलाइन सेवा दे रही है।ई संजीवनी का उद्देश्य भारत के दूर-दराज और वंचित हिस्सों में व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है।ईसंजीवनी ओपीडी देश में कहीं से भी डॉक्टरों और मरीजों को जोड़ता है। मरीज ई संजीवनी ओपीडी से अपना मेडिकल इतिहास, लैब रिपोर्ट और नुस्खे भी प्राप्त कर सकते हैं। यह टेलीमेडिसिन सेवाएं देश में आजकल तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

ई-संजीवनी ओपीडी क्या है?

यह दूसरी टेली-परामर्श सेवा है जो COVID-19 के बीच शारीरिक दूरी को सुनिश्चित करते हुए रोगी-से-डॉक्टर की बातचीत को सरल बनाती है। जिसे मोहाली द्वारा ओपीडी पोर्टल और सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक)  में विकसित किया गया।ओपीडी ने एक महत्वपूर्ण समय में आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्रदान की है जब पारंपरिक चिकित्सा को संक्रामक रोग की प्रकृति के कारण जोखिम भरा माना जाता है।इस ऐप को 13 अप्रैल को COVID-19 महामारी के बाद लॉन्च किया गया था। यह गैर-कोविड रोगियों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के अलावा कोविड के प्रसार को रोककर एक वरदान बन गया है। डॉक्टरों सहित चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्लभ है। ऐसी स्थितियों में एक ऐसी प्रणाली का होना जरूरी है जो ग्रामीण और पिछड़े और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परामर्श सेवाएं प्रदान करे। यहीं पर ई-संजीवनी ओपीडी मददगार हो सकती है।

            साथ ही वर्तमान कोविड महामारी के समय में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि रोगी बीमारियों के लिए डॉक्टरों से परामर्श करने का एक तरीका खोजा गया। यह गैर-कोविड आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल के प्रावधानों को सक्षम करने के साथ-साथ  के प्रसार को रोकने में भी फायदेमंद साबित हुआ है।

ई-संजीवनी की ये है विशेषताएँ     

  • ई-संजीवनी देश के डॉक्टरों के मध्य टेलीमेडिसिन सेवा है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारंपरिक प्रत्यक्षतः परामर्श का विकल्प प्रदान करती है।

  • ई-संजीवनी आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन का महत्त्वपूर्ण अंग है और ई-संजीवनी एप्लिकेशन के माध्यम से 45,000 से अधिक आभा संख्या जारी की गई हैं।

  • इसका उपयोग करने वाले दस अग्रणी राज्य हैं: आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, तेलंगाना और गुजरात।

  •  आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र   

  •   यह टेली-परामर्श के माध्यम से ग्रामीण और शहरी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा के अंतर को कम करने का कार्य करता है।

  •    यह आयुष्मान भारत योजना के तहत ई-लाभार्थियों का समुचित लाभ सुनिश्चित करता है ।

  •    यह कार्यक्षेत्र हब-एंड-स्पोक मॉडल पर काम करता है, जिसमें राज्य स्तर पर स्थापित HWCs स्पोक के रूप में कार्य करते हैं और आंचलिक स्तर पर हब (MBBS/स्पेशलिटी/सुपर-स्पेशलिटी डॉक्टरों को शामिल करते हुए) के साथ समन्वित किये जाते हैं।

  •   इस मॉडल को 1,09,748 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों तथा 14,188 हब में सफलतापूर्वक लागू किया गया है और इस प्रकार कुल 7,11,58,968 टेली-परामर्श प्रदान किये गए हैं।

ई-संजीवनी OPD :


  •    यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को शामिल करता है।

  •    यह स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है, जिससे डॉक्टर के परामर्श को रोगी के निवास स्थान की परवाह किये बिना कहीं भी इस सुविधा को औए सरल बनाया जा सकता है।

  •     ई-संजीवनी ओपीडी ने 2,22,026 विशेषज्ञों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया है और उन्हें इसमें शामिल किया है।

  •     इस प्लेटफॉर्म का एक दिन में 4.34 लाख से अधिक मरीजों की सेवा करने का प्रभावशाली रिकॉर्ड है।

  •     ई-संजीवनी  स्टे होम ओपीडी को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग मोहाली द्वारा विकसित किया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का एक प्रमुख अनुसंधान और विकास संगठन है।

योजनाओ का संचालन

  •  यह योजना नवंबर 2019 में शुरू की गई थी।
  •  यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है।
  • इसे राष्ट्रीय दूरसंचार सेवा भी कहा जाता है, इसका उद्देश्य रोगियों को उनके घरों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
  •  इसमें ऑनलाइन मोड (ई-संजीवनी ओपीडी) के माध्यम से एक डॉक्टर और एक मरीज के बीच एक संरक्षित और सुरक्षित टेलीकंसल्टेशन शामिल है।
  •  ई-संजीवनी ओपीडी पोर्टल और सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा मोहाली में विकसित किया गया है।
  •  सेवा पर डॉक्टरों का पैनल राज्य सरकारों द्वारा तैयार किया जाता है।
  • यह सेवा मोबाइल एप्लिकेशन पर भी उपलब्ध है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इन्हें भी पढ़े