June 14, 2026

Criminal procedure bill : दंड प्रक्रिया विधेयक 2022 हुआ लोकसभा में पारित, जल्द होगा  मामलों का निपटारा…

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लोकसभा में सोमवार को दंड प्रक्रिया विधेयक 2022 पारित हो गया। बिल में किसी सज़ायाफ्ता या आरोपी व्यक्ति की पहचान के लिए उसके जैविक सैम्पल, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट आदि के सैंपल को लिए जाने का प्रावधान है जिससे कि अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिले और जल्द से जल्द मामलों का निपटारा हो। इस बिल को गृहमंत्री अमित शाह के जवाब के बाद पास कर दिया गया। अब बिल को राज्यसभा भेजा जाएगा। बिल पर लोकसभा में ज़ोरदार बहस हुई। विपक्ष ने बिल को मूल अधिकारों और मानवाधिकार के खिलाफ बताया।

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विपक्ष ने इस बिल को लेकर कई सवाल खड़े किए थे और मांग की थी कि इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं कि इससे मानवाधिकारों को हनन होगा उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि रेप पीड़िताओं के भी मानवाधिकार होते हैं। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बिल किसी दुरुपयोग के लिए नहीं लाया गया है। किसी भी डेटा के दुरुपयोग की संभावना नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग मानव अधिकारों की चिंता कर रहे हैं वह उन लोगों के भी मानवाधिकारों के चिंता करें जो पीड़ित होते हैं।

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अमित शाह ने कहा, “यह बिल कानून के मुताबिक चलने वाले लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा करता है। लोग कह रहे हैं कि यह जल्दी क्यों आ गया, मेरा कहना है कि इतनी देर हो गई।” उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का हवाला देने वालों को भी रेप पीड़ितों के मानवाधिकारों के बारे में सोचना चाहिए। वे  केवल बलात्कारियों, लुटेरों की चिंता करते हैं, लेकिन केंद्र कानून का पालन करने वाले नागरिकों के मानवाधिकारों की चिंता करता है।

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बता दें कि लोकसभा ने जो बिल पास किया है उसके तहत सजायाफ्ता या फिर किसी भी आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति के शरीर की मांप ली जा सकेगी, इसमे व्यक्ति का फिंगर प्रिंट, आंखों की आयरिश का नमूना, ब्लड, हस्ताक्षर आदि शामिल है। मजिस्ट्रेट के आदेश पर यह नमूने लिए जा सकेंगे। ये नमूने सिर्फ थानाध्यक्ष, हेड कॉन्स्टेबल और जेल के हेड क्वार्टर या फिर उच्च अधिकारी ही ले सकेंगे। इन आंकड़ों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की होगी। इस बिल के पास होने के बाद 75 सालों तक लोगों के नमूनों को सुरक्षित रखा जाएगा। लेकिन सजा खत्म होने के बाद इस डेटा को पहले भी खत्म किया जा सकता है।

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