April 19, 2026

बिजली संकट : कोल इंडिया शुरू करेगी 20 बंद खदाने, छग से 4 शामिल…

0
coal-india_1569994330

बिलासपुर | देश के 173 में से 109 पावर प्लांट में कोयला के स्टॉक  की 63 फीसदी कमी थी, जिसमें रोजाना कमी आ रही है. वही कई राज्यों में बिजली कटौती की स्थिति बन गयी है. देश में उपजे बिजली संकट को देखते हुए कोल इंडिया ने बंद खदानों को फिर से शुरू करने का निणर्य लिया है. देश में बिजली और कोल संकट के बीच कोल इंडिया 20 बंद खदानों को फिर से शुरू करेगी. देशभर में कोल आपूर्ति के लिए बंद खदानों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है. दोबारा शुरू होने वाले खदानों में छत्तीसगढ़ की भी 4 खदानें शामिल हैं, जिनसे 31.44 मिलियन टन कोल प्रोडक्शन का लक्ष्य है.

join whatsapp

एसईसीएल बिलासपुर के जन सम्पर्क अधिकारी शनिष चन्द्र ने बताया कि बंद खदानों को फिर से शुरू करने को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है. बंद खदानों से कोयला निकालने की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को दी जाएगी. देश में बिजली और कोल संकट की स्थिति है. देशभर के पावर प्लांटों से कोयले की डिमांड बढ़ गई है. देश में कोयला उत्पादन का करीब 83 फीसदी हिस्सा कोल इंडिया की खदानों से निकलने के कारण कोल इंडिया पर कोल आपूर्ति का दबाव बढ़ गया है. एसईसीएल से रोजाना साढ़े 4 लाख टन कोयला डिस्पैच करने के बावजूद कोयले के डिमांड को पूरा नहीं किया जा रहा है.


Read More :- Tomato Fever :  बच्चों पर मिले दुर्लभ बीमार के लक्षण, केरल में टोमेटो फीवर  का कहर…


छत्तीसगढ़ की 4 खदाने बरतूंगा हिल, अंजन हिल, कल्याणी माइंस और बिरसिंहपुर माइंस में फिर से कोयला निकालने की कवायद की जाएगी. एसईसीएल की इन चारों माइंस से 31.44 मिलियन टन कोल प्रोडक्शन का टारगेट है. ये खदानें पानी भरने, सुरक्षा और अलग-अलग कारणों से बीते 6 से 12 साल से बंद थीं. इसी कड़ी में कोल प्रोडक्शन बढ़ाने और  आपूर्ति करने के लिए बंद खदानों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है. ताकि देश में कोयले की आवश्यकता को पूरा किया जा सके. इस आदेश के बाद एसईसीएल भी बंद खदानों को फिर से शुरू करने की कवायद में जुट गया है.

एसईसीएल प्रबंधन की माने तो, कोयला मंत्रालय के निर्देश पर एमडीओ मोड और रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर एसईसीएल की चार माइंस के लिए टेंडर किया गया है. निजी कंपनियों को इसका काम सौंपा जा रहा है. एसईसीएल जिन बंद पड़ी चार खदानो को खोल रहा है, उसे वह पायलट प्रोजेक्ट रूप में भी ले रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि छत्तीसगढ में ऐसी करीब 66 के आसपास खदानें हैं, जो कई कारणों से बंद पड़ी हैं. अभी प्राथमिकता के आधार पर चार खदानों को शुरू करने का प्रोजेक्ट एसईसीएल ने तैयार किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *