April 27, 2026
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रायपुर | श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर के शिक्षा संकाय द्वारा सवित्रीबाई फुले ऑडिटोरियम में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो॰ सौरभ चतुर्वेदी, श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के सीईओ श्री विशाल गर्ग, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, डीन अकादमिक डॉ. विजय कुमार सिंह सहित सभी संकाय अध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों ने दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत के साथ किया।


स्वागत भाषण देते हुए शिक्षा संकाय अध्यक्ष प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव ने मातृभाषा को पहचान और संस्कृति की जड़ से जोड़ते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री विशाल गर्ग (सीईओ), विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय कुमार सिंह (डीन अकादमिक) एवं कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत की वाहक है। इसे शिक्षा और रोजगार से जोड़कर आगे बढ़ाना होगा।


इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक सत्र में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न भारतीय भाषाओं और लोक संस्कृतियों की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत कशिश और विभांशी के गीत से हुई, वहीं साहिल ने बिहारी लोकसंस्कृति का प्रतीक छठ गीत प्रस्तुत किया।

दर्शकों का मन मोह लेने वाली प्रस्तुतियों में नीतूबाई एवं समूह द्वारा किया गया करमा नृत्य, रानी दास एवं समूह का बंगाली नृत्य, त्रिप्ती चौहान एवं समूह का छत्तीसगढ़ी नृत्य तथा रिया एवं समूह द्वारा प्रस्तुत “चित्तुर प्रेम कथा” विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही।

इसके अतिरिक्त मनीष एवं समूह के छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, रुपाली एवं समूह की देवी स्तुति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुति, अनुराधा एवं समूह का राजस्थानी घूमर नृत्य और प्रेरणा एवं सखियों का आदिवासी लोकनृत्य ने समा बांध दिया।

विविधता में एकता की मिसाल पेश करते हुए साक्षी ढींगे ने मराठी नृत्य, लीसा साहू ने पंजाबी गिद्दा, देवी कुमार साहू ने ओडिसी नृत्य तथा प्रतिभा कुमारी ने अवधी विवाह लोकगीत प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का समापन दक्षिण भारतीय और सेमी-क्लासिकल नृत्यों के साथ हुआ, जिसमें लगभग 175 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो॰ सौरभ चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा, “मातृभाषा हमारी सांस्कृतिक जड़ों का आधार है; इसे संरक्षित और विकसित करना हम सभी का दायित्व है।” उन्होंने युवाओं से अपनी मातृभाषा को गर्व से अपनाने और उसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम का सफल संचालन योग विभाग की प्राध्यापिका डॉ. राधिका चंद्राकर ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुमित तिवारी (निदेशक, शारीरिक शिक्षा विभाग) ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. प्रमोद कुमार राजपूत, कार्यक्रम समन्वयक शिवानी शर्मा, डॉ. जय नाथ यादव, डॉ. सुनीता यादव, डॉ. धर्मेंद्र प्रताप, परमेश साहू, कविता पटेल एवं विजया वर्मा सहित समस्त विश्वविद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मूल उद्देश्य—भाषायी एवं सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने—को सार्थक रूप से अभिव्यक्त करता है।

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