टाटा ने लॉन्च किया चलता-फिरता शोरूम, “अनुभव“ से मिलेगा घर पर ही कार
देश की जानी-मानी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा ने एक नई पहल की है। टाटा मोटर्स ने देश के ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक चलता-फिरता शोरूम लॉन्च किया, जिसे “अनुभव“ नाम दिया गया है। इस चलते-फिरते शोरूम के जरिए कंपनी तहसील और तालुकों तक पहुंचेगी और ग्रामीण ग्राहकों को उनके दरवाजे पर ही कार खरीदने का अनुभव मुहैया कराएगी।
क्या है ये चलता-फिरता शोरुम :- टाटा मोटर्स ने “अनुभव” स्कीम के तहत 103 वाहनों को शोरुम के स्टाइल में डिजाइन किया है। ये पहियों पर चलते – फिरते शोरूम ग्रामीण इलाकों में जाएंगे और टाटा मोटर्स के ब्रांड को लेकर जागरुकता फैलाने में मदद करेंगे। टाटा मोटर्स के इन चलते-फिरते शोरूम को कंपनी के विश्वसनीय मॉडल टाटा इंट्रा वी10 पर विकसित किया गया है। ये सभी गाड़ियां जीपीएस ट्रैकर से लैस हैं और इन्हें संबंधित डीलरशिप के मार्गदर्शन में तहसील और तालुकों में भेजा जाएगा। हर महीने इन शोरूम के लिए अलग-अलग रूट तैयार किया जाएगा, जिससे ये अधिक से अधिक इलाकों तक पहुंच सके।
Read More :- लोहा बाजार में रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध का असर, 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की तयारी में RERA

इसमें ग्रामीण इलाके के खरीदारों को टाटा मोटर्स के शोरुम जैसा अनुभव दिया जाएगा और उन्हें घर बैठे ही गाड़ी खरीदने का मौका मिलेगा। इसके जरिए ग्राहकों को टाटा मोटर्स के प्रोडक्टस के बारे में तमाम जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कार और एसयूवी की नई रेंज, एक्सेसरीज, विभिन्न फाइनेंस स्कीम, टेस्ट ड्राइव बुकिंग और एक्सचेंज के लिए मौजूदा कारों का वैल्यूएशन आदि सुविधाएं शामिल हैं। टाटा मोटर्स के मुताबिक ये चलते-फिरते शोरूम, कंपनी की कारों, फाइनेंस स्कीम्स, एक्सचेंज ऑफर आदि के बारे में जानकारी चाहने वाले ग्रामीण ग्राहकों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन होंगे।

Read More :- इंसानों में क्या है खास, अन्य जीवो की तुलना में क्यूँ है अलग
साथ ही ये ग्राहकों तक पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए अहम कंज्यूमर डेटा भी मुहैया कराएंगे। इनके जरिए मिले फीडपैक का इस्तेमाल कंपनी के प्रोडक्ट में सुधार करने, सर्विस मामले सुलझाने और ग्राहकों का विश्वास जीतने में भी किया जाएगा। टाटा मोटर्स में पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट के वाइस प्रेसिडेंट राजन अंबा ने बताया कि भारत में बेचे जाने वाले कुल पैसेंजर व्हीकल्स में ग्रामीण भारत का 40 फीसदी योगदान है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों तक अपनी सेल्स टीम को भेजना और ग्रामीणों को टाटा मोटर्स के प्रोडक्ट की जानकारी देना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

