मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग कुम्हारी में स्टेट लेवल वर्कशॉप का हुआ आयोजन….
कुम्हारी : मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग कुम्हारी, में एमएससी नर्सिंग, बीएस नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग स्टूडेंट्स के द्वारा एक दिवसीय स्टेट लेवल वर्कशॉप का आयोजन किया गया । जिसका आयोजन मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग कुम्हारी के कांफ्रेंस हॉल में किया गया । इस वर्कशॉप में नया रायपुर, धनेली और बिलासपुर के साथ छत्तीसगढ़ कॉलेज के भी नर्सिंग स्टूडेंट्स शामिल हुए | बता दे कि इस कार्यक्रम शुरुवात नर्सिंग प्रिंसिपल डी. चेन्नम्मा भास्कर के द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और पूजा अर्चन करके किया । जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. जे. के. उपाध्याय, डायरेक्टर एडमिन डॉ. आदित्य खरे, नर्सिंग डिप्टी डायरेक्टर प्रमोद पांडेय उपस्थित रहे । साथ ही अलग-अलग राज्यों से आये हुए सभी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया ।

थीम
इस एक दिवसीय स्टेट लेवल वर्कशॉप में एक थीम बनाया गया है जिसको नाम दिया गया है “फर्स्ट ऐड मैनेजमेंट “ जिसमे इसके सही उपयोगिता के महत्व बताये गये । साथ ही कैसे हम आपातकालीन स्थिति में कैसे किसी की मदद करके सहायता प्रदान कर सकते है इसके बारे में जानकारी दी गयी ।

2 सेशन में कम्पलीट हुआ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम 2 सेशन में कम्पलीट किया गया | जिसमे मुख्य स्पीकर के तौर पर पहले सेशन मे, (इंट्रोडक्शन ऑफ़ फर्स्ट एड एंड बेसिक प्रिंसिपल्स गोल्डन रूल्स ऑफ़ फर्स्ट एड), डॉ. प्रोफेसर सिंधु अनिल मेनोन जी ( डायरेक्टर ऑफ़ नर्सिंग डिपार्टमेंट, श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस ), द्वारा तथा दूसरा सेशन (फर्स्ट एड मैनेजमेंट) डॉ. रमाकांत चौरसिया (MBBS, MD SSIMS दुर्ग) द्वारा लिया गया | स्टेट लेवल वर्कशॉप में विभिन्न कॉलेज के स्टूडेंट्स और सभी टीचर्स द्वारा स्किल लैब, नुक्कड़ नाटक और नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया गया, जिसमे प्रथम स्थान पर मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग कुम्हारी रहा और द्वितीय स्थान मैत्री कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग दुर्ग रहा | इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में विशेष रूप से नर्सिंग कुम्हारी सभी स्टाफ, टीचर्स, M. Sc नर्सिंग, B.Sc नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग स्टूडेंट्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा |

फर्स्ट ऐड मैनेजमेंट जब किसी भी अप्रशिक्षित व्यक्ति के द्वारा किसी भी आपातकालीन स्थिति में चोटग्रस्त व्यक्ति की चिकित्सकिय उपचार की जाती है तब उसे प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है, इस कार्यक्रम को करवाने का उद्देश्य यही था कि कैसे हम आपातकाल के समय में किसी व्यक्ति को सहायता कर सकते है ।

साथ ही लोगो को इसके प्रति जागरूक करने के लिए भी प्रेरित किया गया । जिसको अलग-अलग तरीके से नाटक मंचन करने के साथ किया गया । ताकि चोटग्रस्त व्यक्ति को उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने तक लगने वाले समय में नुकसान कम हो । साथ ही बताया गया कि किन-किन स्थितियों में प्राथमिक उपचार संभव है जैसे कि ऊँचाई पर जाने से समस्या होना, हड्डी टूटना, जलना, हृदयाघात (हार्ट अटैक), श्वसन-मार्ग में किसी प्रकार का अवरोध आ जाना,पानी में डूबना,हीट स्ट्रोक, मधुमेह के रोगी का बेहोश होना, हड्डी के जोड़ों का विस्थापन, विष का प्रभाव, दाँत दर्द, घाव-चोट आदि में प्राथमिक चिकित्सा उपयोगी कैसे कम करता है ।

