अयोध्या में विराजित हुए प्रभु श्री राम, पूरे विधि विधान से संपन्न हुई प्राण-प्रतिष्ठा…

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राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा : राम भक्तों का करीब 500 साल का लंबा इंतजार आज खत्म होने जा रहा है । प्रभु श्री राम अब अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। बता दें कि पीएम मोदी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूजा अर्चना में शामिल हुए। इस मौके पर पीएम मोदी के साथ आरएससए प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। प्रभू राम की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला की पहली तस्वीर भी सामने आई है।

इस पावन मौके का साक्ष बनने के लिए सात हजार से ज्यादा वीवीआईपी अयोध्या पहुंचे थे। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेता सहित सभी  अयोध्या में सिरकत किये  हैं। आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है जिसका उत्साह पूरे देश में देखने को मिल रहा है। एक लंबे इंतजार के बाद प्रभु श्रीराम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजित हुए हैं।

भारत के हर कोने में जश्न का माहोल

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा आज अतिसूक्ष्म मुहूर्त में होने जा रही है। जो दोपहर 12 बजकर 29 मिनट और 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट  32  सेकंड में 84 सेकंड के बीच में हुआ । अयोध्या में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु राम धुन पर झूम रहे हैं। महाराष्ट्र से आए एक भजन गायक अपनी टोली के साथ झूमते नज़र आए। हर तरफ जश्न सा माहौल है।

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए प्रक्रिया 16 जनवरी से ही शुरू हो गई थी, आज मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही समारोह का समापन हो जाएगा । रामलला के इंतजार में पलकें बिछाए बैठी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया और संवारा गया है। राम नगरी पूरी रह से रोशनी में सराबोर है। भव्य राम मंदिर को फूलों से बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है । राम जन्मभूमि को अलग-अलग तरह के देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया है, जबकि जन्मभूमि पथ, राम पथ, धर्म पथ और लता चौक पर भी सुंदर फूलों की सजावट है। विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच बनाए गए हैं। विभिन्न धर्माचार्यों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर राम कथा का आयोजन हो रहा है तो विभिन्न देशों की रामलीलाओं का मंचन भी किया जा रहा है।

राम की मूर्ति की विशेषता

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भगवान श्री रामलला की जो मूर्ति बनी है, वह पांच वर्ष के बालक का स्वरूप है। उन्होंने बताया कि मूर्ति 51 इंच की है और रामलला की मूर्ति का निर्माण काले पत्थर की गई है। रामलला की मूर्ति का निर्माण शिला पत्थर से हुआ है। इस काले पत्थर को कृष्ण शिला भी कहा जाता है। इस वजह से भी रामलला की मूर्ति श्यामल है। जिस पत्थर से रामलला की मूर्ति का निर्माण हुआ है, उसमे कई गुण हैं। रामलला की मूर्ति में भगवान के कई अवतारों को दर्शाया गया है।  रामलला की मूर्ति का रंग श्यामल है। साथ ही रामलला का श्यामल रूप में ही पूजन होता है।

क्यों खास है रामलला की मूर्ति में उपयोग हुए पत्थर?

रामलला की मूर्ति के निर्माण में इस पत्थर का उपयोग करने के पीछे एक वजह ये भी है कि जब रामलला का दूध से अभिषेक होगा तो दूध के गुण में पत्थर की वजह से कोई बदलाव नहीं होगा। उस दूध का उपभोग करने पर स्वास्थ्य पर कोई गलत असर नहीं पड़ता है। साथ ही ये हजार से भी अधिक वर्षों तक यूं ही रह सकता है। यानी कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का विधान पूरा हो गया है। श्रीराम के प्रथम दर्शन हो गए हैं। इससे पहले मंदिर के गर्भगृह में मोदी पहुंचे और उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा पूजा के लिए संकल्प लिया। फिर पूजा शुरू की। पीएम ने ही रामलला की आंख से पट्टी खोली और कमल का फूल लेकर पूजन किया। रामलला पीतांबर से सुशोभित हैं। उन्होंने हाथों में धनुष-बाण धारण किया है।

जानी-मानी हस्तियां हुए शामिल

देश-विदेश से कई अतिथि पहुंचे हैं। इनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मुकेश-नीता अंबानी, गौतम अडाणी, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत शामिल हैं। पूजन के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर से अयोध्या में पुष्प वर्षा की गई। सोमवार सुबह समारोह की शुरुआत मंगल ध्वनि से हुई। सुबह 10 बजे से 18 राज्यों के 50 वाद्ययंत्र बजाए रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर बनाने वाले श्रमजीवियों से मुलाकात करेंगे। कुबेर टीला जाकर भगवान शिव का पूजन करेंगे।

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