भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय समझौते पर किया हस्ताक्षर, रक्षा सहयोग में जुड़ा नया अध्याय…

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भारत और अमेरिका ने अंतरिक्ष में स्थिति को लेकर जागरूकता संबंधी एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे दोनों देशों के बढ़ते रक्षा सहयोग में एक नया अध्याय जुड़ा है। अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यह बात कही। बता दें की इस समझौते पर टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक से इतर दोनों देशों के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। इस बैठक की सह-मेजबानी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने की थी। इसमें भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया।
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वही टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक के बाद ऑस्टिन ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि कुछ ही समय पहले हमने अंतरिक्ष में स्थिति को लेकर जागरूकता संबंधी एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे हमें अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, हम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग गहरा कर रहे हैं जिसमें इस वर्ष के आखिर में प्रशिक्षण तथा अभ्यास आदि शामिल हैं। हम विविध क्षेत्रों में गठजोड़ के माध्यम से सूचनाओं के आदान प्रदान को बढा रहे हैं।
ऑस्टिन ने कहा, दोनों देशों की आज महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता है जो अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र सहित उभरते रक्षा क्षेत्र में सहयोग तथा प्रौद्योगिकी संबंधी नवाचार को आगे बढ़ाएगी । बाइडन प्रशासन भारत की सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्राथमिकताओं को सहयोग देने तथा सुरक्षा प्रदान करने की अपनी भूमिका को लेकर नई दिल्ली के साथ मिल कर काम कर रहा है।
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दोनों देशों के बढ़ते रक्षा कारोबार एवं प्रौद्योगिकी सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हमने हाल ही में हमारे रक्षा प्रौद्योगिकी एवं कारोबार पहल के तहत मानव रहित हवाई वाहन बनाने को लेकर साथ काम करने के समझौते को अंतिम रूप दिया। अमेरिकी रक्षामंत्री ने कहा, हम ऐसा इसलिये कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका, हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में भारत को रक्षा उद्योग प्रमुख के तौर पर एवं क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में सहयोग दे रहा है।


