आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में भारत ने अमेरिका और ब्रिटेन को भी छोड़ा पीछे…
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने में पूरी दुनिया में काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। जिसके लिए विकसित देश ही नही भारत भी काफी गंभीरता से इस पर काम कर रहा है। जिसके लिए डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी नेटएप ने रिपोर्ट जारी किया । जिसमे बताया गया कि भारत एआई की दौड़ में पूरी दुनिया में टॉप पर है। भारत, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश एआई अपनाने और इनोवेशन में अग्रणी हैं। इसके विपरीत, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों को इस तकनीकी प्रगति में पिछड़े हुए देशों के रूप में पहचाना जाता है।

1,300 से अधिक अधिकारियों को किया गया शामिल…
एआई अपनाने की प्रगति, तत्परता, चुनौतियों, गति और एआई सफलता प्राप्त करने संबंधित डाटा की विस्तार से जानकारी दी गई है। एक सर्वे में 10 देशों के 1,300 से अधिक अधिकारियों से सवाल पूछे गये। इस स्टडी का के माध्यम से जाना कि भारत, सिंगापुर, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे अग्रणी देशों में 60 फीसदी कंपनियों के पास एआई परियोजनाएं चल रही हैं या पायलट चरण में हैं। इसके विपरीत स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जर्मनी, जापान जैसे एआई-पिछड़े देशों में केवल 36 प्रतिशत कंपनियों ने इसी तरह की एआई पहल शुरू की है।

भारत में 91 % कंपनिया करती है डेटा इस्तेमाल
यदि एआई में पिछड़े देशों को प्रतिस्पर्धी बने रहना है तो उन्हें इस पर तेजी से काम करना होगा। जिसमे पता चलता है कि भारत की 91 कंपनिया योजना एआई प्रोजेक्ट को ट्रेंड में लाने के लिए अपने डेटा का इस्तेमाल करती है। साथ ही वैश्विक स्तर पर 62 % कंपनी की ही योजना ऐसी है । जापान में सिर्फ 28 % कंपनिया ही इस पर काम करती है । लेकिन अग्रणी देशों में एआई पर पिछड़े देश के पास 67 % हाइब्रिड आईटी वातावरण उपलब्ध है ।

