July 13, 2024

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस : जानिए सिम कार्ड से जुड़े नये नियम में हुए बदलाव 

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डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस :  नया साल नए बदलाव लेकर आता है। 1 जनवरी से सिम खरीदने पर  नियमों में बदलाव होने जा रहा, अभी आपको नया सिम खरीदना हो तो कागजी फॉर्म भरना होता है, फोटो देनी होती है और आईडी व अड्रेस प्रूफ के भी हार्ड डॉक्‍युमेंट देने होते हैं। ये चीजें अब पुरानी हो जाएंगी क्‍योंकि 1 जनवरी से सिम खरीदने पर सिर्फ डिजिटल केवाईसी की जरूरत होगी। बता दे कि, दूरसंचार विभाग ने यह ऐलान किया है। इस बदलाव का मकसद प्रक्रिया को सहज करना, टेलिकॉम कंपनियों की लागत को घटाना और सिम कार्ड इशू करने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है।

इसका फायदा ग्राहकों और कंपनियों दोनों को होगा। ग्राहकों को फ‍िजिकल डॉक्‍युमेंट्स नहीं देने पड़ेंगे, जबकि टेलिकॉम कंपनियों को वेरिफ‍िकेशन पर जो खर्च करना पड़ता है, उसमें कमी आएगी। नये  नियम इसी साल घोषित कर दिए गए थे, लेकिन उन्‍हें लागू करने में देर हुई। नियम यह भी कहते हैं कि सिम कार्ड के वेंडरों का वेरिफ‍िकेशन किया जाना भी जरूरी है यानी अब हर कोई सिम कार्ड नहीं बेच पाएगा। टेलीकॉम कंपनियों को उनकी फ्रेंचाइजी, डिस्ट्रीब्यूटर्स समेत पीओएस एजेंटों का रजिस्‍ट्रेशन करना होगा। इसके लिए कंपनियों को निश्चित समय दिया गया है।


बता दे  कि सरकार के इस फैसले का जियो समेत एयरटेल और वोडा-आइडिया ने वेलकम किया है। उनके खुश होने की सबसे बड़ी वजह फ‍िजिकल केवाईसी में आने वाले खर्च में कमी है। यही नहीं, सरकार को सिम कार्ड धोखाधड़ी मामलों की जांच में भी मदद मिलेगी। गौरतलब है कि सिम कार्ड धोखाधड़ी के जरिए हजारों लोगों को लाखों रुपये की चपत लगती है। टेलिकॉम कंपनियां भी इस मामले को उठाती रही हैं।

नया KYC नियम ग्राहकों के लिए

अगर आप एक नया सिम कार्ड खरीदने जा रहे हैं तो डिजिटल तौर पर आपको केवाईसी  करवाना होगा। जिसमें कुछ डिटेल्स कस्टमर को देने होंगे। ये सभी डिटेल्स आधार कार्ड पर बने क्यू आर कोड स्कैन के द्वारा कैप्चर किए जाएंगे। सिम कार्ड बदलने के समय भी सब्सक्राइबर को केवाईसी पूरा करना होगा।

यहां पर ये भी कहा गया है कि किसी भी कस्टमर को नया सिम कार्ड 90 दिनों के बाद ही दिया जाएगा। यानी अगर कोई नम्बर किसी अन्य कस्टमर के पास था, और वह अब किसी नए कस्टमर के पास जाने वाला है, ऐसी स्थिति में नए कस्टमर को वह नंबर 90 दिनों के बाद ही दिया जाएगा।

बल्क सिम कार्ड खरीदने पर रोक

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने बल्क में सिम कार्ड खरीद पर रोक लगा दी है। इसके बजाए डीओटी ने बिजनेस कनेक्शन जारी करने का प्रावधान किया है। इसमें किसी ऑर्गेनाइजेशन को बल्क कनेक्शन दिए जा सकते हैं अगर वह अपने कर्माचरियों के लिए बल्क कनेक्शन खरीदना चाहती है। लेकिन उसके लिए ऑर्गेनाइजेशन को एक अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता  को नियुक्त करना होगा। वहीं एक व्यक्ति एक आईडी प्रूफ पर अधिकतम 9 सिमकार्ड ही खरीद सकता है।

डीलर्स  वैरिफिकेशन

टेलीकॉम ऑपरेटरों को अब अपने फ्रेंचाइजी, पीओएस एजेंट, और डिस्ट्रीब्यूटर्स का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। साथ ही इनका वैरीफिकेशन भी होगा। अगर ऑपरेटर इसका पालन नहीं करता है तो उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। पॉइंट ऑफ सेल ( पीओएस) को एक लिखित समझौते के तहत स्वयं को रजिस्टर करवाना होगा। जो पीओएसअभी तक रजिस्टर्ड नहीं हैं उनके लिए 12 महीने का समय प्रोसेस को पूरा करने के लिए दिया गया है

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