ट्विटर में बड़ा परिवर्तन, पूर्व-सीईओ और को-फाउंडर ने कंपनी के बोर्ड से खुद को किया अलग…
माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पिछले कई दिनों से काफी चर्चा में है। अब कंपनी के पूर्व-सीईओ और को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से अलग हो गए हैं। डॉर्सी ने पिछले साल नवंबर में ट्विटर के सीईओ पद को छोड़ा था। इसके बाद से ही वह खुद को ट्विटर से दूर करते गए। डॉर्सी अब अपनी नई कंपनी फाइनेंस कंपनी ब्लॉक पर फोकस कर रहे हैं। इस कंपनी का नाम पहले Square था।
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शुरू से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि डॉर्सी सीईओ पद से हटने के बाद कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी अलग हो जाएंगे। कंपनी ने डॉर्सी के एग्जिट अनाउंसमेंट में कहा था कि वह 2022 में स्टॉकहोल्डर्स की मीटिंग में अपने कार्यकाल के समाप्त होने तक बोर्ड में शामिल रहेंगे।हालंकि एलन मस्क के 44 बिलियन डॉलर की डील के बाद ऐसी खबरें भी आई थीं, जिनमें कहा गया था कि डॉर्सी फिर से ट्विटर के सीईओ बनेंगे। लेकिन , इन खबरों का खंडन करने हुए डॉर्सी ने साफ कर दिया था कि वह अब कभी भी ट्विटर के सीईओ नहीं बनेंगे। साथ ही डॉर्सी ने यह भी कहा था कि किसी को भी ट्विटर का सीईओ नहीं बनना चाहिए।
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बता दें कि जैक डॉर्सी ने 2006 में ट्विटर की शुरुआत की थी और वह साल 2007 से इसके डायरेक्टर थे। इसके बाद 2015 के मध्य से पिछले साल रिजाइन करने तक वह ट्विटर के सीईओ रहे। डॉर्सी के इस्तीफा देने के बाद ट्विटर की कमान भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को दे दी गई थी। बताते चलें कि मस्क ने ट्विटर के फेक और स्पैमी अकाउंट के सही आंकड़ो के सामने न आने तक 44 बिलियन डॉलर की ट्विटर डील को होल्ड पर रख दिया है।
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