फैसला : हाईकोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय संगठन का फैसला रखा बरकरार, पहली क्लास में एडमिशन की उम्र छह साल ही…
केंद्रीय विद्यालय के क्लास वन में एडमिशन के लिए अब न्यूनतम आयु सीमा छह साल ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के फैसले को बरकरार रखा है। केंद्रीय विद्यालय संगठन के इस फैसले को पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। यानी साल 2022-23 के सत्र में पहली कक्षा में सिर्फ उन बच्चों का ही एडमिशन होगा जिनकी उम्र कम से 6 साल है। बता दें की इससे पहले 5 साल के बच्चों को क्लास वन में एडमिशन मिलता था।
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वहीं जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश ने अभिभावकों की विशेष याचिका खारिज करते हुए कहा कि कुछ याचिकाएं एकल पीठ के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की खंडपीठ में दायर की गई थीं, उन्हें भी खारिज किया जा चुका है। हम पूरी तरह से हाईकोर्ट की एकलपीठ के फैसले के साथ हैं।

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इससे पहले, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट में दलील दी थी कि कक्षा एक में एडमिशन की उम्र 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने का फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार किया गया है। इससे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का हनन नहीं हो रहा है। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 11 अप्रैल को याचिकाएं खारिज करते हुए कहा था कि जब एडमिशन को लेकर एक उचित निर्णय विशेषज्ञों द्वारा लिया जा चुका है तो उसमें कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए। 13 अप्रैल को जस्टिस विपिन सांघी और नवीन चावला की पीठ ने भी एकल पीठ के फैसले के विरोध में दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

