सीयूईटी : जेईई मेन और नीट की तरह विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा,साल में दो बार आयोजन की तैयारी…

देश में जेईई मेन और नीट की तर्ज पर अगले सत्र से सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) साल में दो बार आयोजित करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा, सीयूईटी से न तो बोर्ड परीक्षाओं की प्रासंगिकता समाप्त होगी और ना ही इससे कोचिंग की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि यह परीक्षा सभी बोर्ड के उम्मीदवारों को समान अवसर देगा ।
Read More:-तेलंगाना सीएम राव ने पीएम मोदी को लिखा खत, यूक्रेन से लौटे छात्रों को भारत में दाखिला देने की मांग…
यूजीसी के अध्यक्ष ने कहा, स्नातक पाठ्यक्रम दाखिला प्रक्रिया से राज्य बोर्ड के विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका कोई नुकसान नहीं होगा। सीयूईटी सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले तक ही सीमित नहीं होगा, क्योंकि कई प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों ने संकेत दिया है कि वे भी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सीयूईटी के अंकों का इस्तेमाल करने के इच्छुक हैं।
साथ ही उन्होंने कहा, इस साल सीयूईटी का आयोजन एक बार होगा। लेकिन एनटीए अगले सत्र से साल में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा, केंद्रीय विश्वविद्यालय अपना न्यूनतम पात्रता मापदंड तय कर सकते हैं। इस प्रवेश परीक्षा के लिए किसी कोचिंग की आवश्यकता नहीं होगी, इसलिए इससे कोचिंग संस्कृति को बढ़ावा मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। परीक्षा पूरी तरह 12वीं के पाठ्यक्रम पर आधारित होगी।
Read More:-छत्तीसगढ़ : ऑफलाइन परीक्षा को लेकर न्यूज़ हुई वायरल, सीएम ने कहा फेक न्यूज़…
मानक तय कर सकेंगे विश्वविद्यालय-
जगदीश कुमार ने कहा, विश्वविद्यालय बोर्ड के अंकों का मानक अपने अपने आधार पर तय करेंगे। कुछ यूनिवर्सिटी इसे 60 फीसदी तो कुछ 70 फीसदी कर सकते हैं। सीयूईटी से बोर्ड में 100 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता जरूर खत्म होगी। उन्होंने कहा, इसके बाद 98 फीसदी अंक पाने के बाद भी दाखिला नहीं मिलने जैसी स्थिति खत्म हो जाएगी।
Read More:-छत्तीसगढ़ के हक का पानी देने ओडिशा सरकार कर रही आनाकानी, बस्तरवासियों पर जल संकट का खतरा…


