April 19, 2026

हिन्दू धर्म के अनुसार किस तरह होती है होली पूजा.

0
fb032019125238-22

हिंदू धर्म में अग्नि को पवित्र माना गया है। वहीं होली पर अग्नि का महत्व बढ़ जाता है। लोग होलिका दहन की अग्नि से अपने घर का चूल्हा जलाते हैं ताकि परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे। भोजन को उसकी आग में पकाया जाता है और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। इस दिन महिलाएं दूध, पानी, कुमकुम, अक्षत, फूल से होलिका की पूजा करती हैं और प्रार्थना करती हैं कि जैसे भगवान ने प्रह्लाद को विपत्तियों से बचाया, उसी तरह उनके परिवार की रक्षा करें।

Read More :- छत्तीसगढ़ राज्य का पहला औद्योगिक क्षेत्र  BALCO में हुई चार ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति

इस दिन होलिका को गाय के गोबर से बना नारियल चढ़ाया जाता है। गोबर से बने गोल चक्र भी चढ़ाए जाते हैं और इन चक्रों का अर्थ यह है कि जैसे भगवान विष्णु अपने चक्र से भक्तों की रक्षा करते हैं, वैसे ही वे हमारी भी रक्षा करें। होलिका दहन से पहले लोग कच्चे सूत से इसकी परिक्रमा करते हैं और होलिका पर लपेट देते हैं ताकि प्रह्लाद जी की रक्षा हो सके। यह विश्वास लोगों को असत्य के खिलाफ लड़ने की नैतिक शक्ति देता है।

join whatsapp

Read More :- अब इंजीनियरिंग छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल पर्यावरण की पढ़ाई…

यह पर्व विवाहित महिलाओं द्वारा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। प्राचीन काल में महिलाएं पूर्णिमा की पूजा करती थीं और परिवार के सुख की कामना करती थीं। वैदिक काल में होली को नवनेष्टी यज्ञ कहा जाता था। उस समय खेत के आधे पके अन्न को यज्ञ में दान कर प्रसाद ग्रहण करने का समाज में विधान था। यज्ञ में चढ़ाए जाने वाले भोजन को होला कहा जाता था और इसलिए इस त्योहार का नाम होलिका पड़ा। प्रह्लाद के साथ धर्म की रक्षा का प्रसंग भी इस पर्व से जुड़ा है और इसलिए इसे धर्म की रक्षा के पर्व के रूप में भी देखा जाता है।

Read More :- 12वीं के बाद सेना में बनाये अपना करियर, इन तरीकों से करें तैयारी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *