प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान: अब होगी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी जितनी फीस…
मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों और पालकों के लिए अच्छी खबर हैं अब भारत में एमबीबीएस या मेडिकल के अन्य कोर्सेस की पढ़ाई करने के लिए आपको अपनी जेब खाली करने की मजबूरी नहीं होगी। अगर आपको किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाता है, तब भी आप उतनी ही फीस में किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने अब इस बारे में घोषणा कर दी है। उन्होंने भारत में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेजों जितनी करने की सरकार की योजना के बारे में बताया। लेकिन इसमें मेरिट आपके काम जरूर आएगी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ‘हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर ही फीस लगेगी। ’ यह बात उन्होंने सोमवार, 7 मार्च 2022 को जन औषधि दिवस के अवसर पर जन औषधि योजना की शुरुआत करने के दौरान बताई।
गाइडलाइन-
नेशनल मेडिकल कमीशन ने केंद्र सरकार द्वारा मेडिकल की फीस को लिए गए इस फैसले के बाद गाइडलाइन तैयार कर ली है बताया जा रहा है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 50 फीसदी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों जितनी फीस को लेकर एनएमसी की नई गाइडलाइन अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। यह फैसला निजी विश्वविद्यालयों के अलावा डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ पर भी लागू होगा।
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बता दें की पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी राज्य में मेडिकल की फीस की नई गाइडलाइन का क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी वहां की फीस फिक्सेशन कमेटी की होगी।
नए फीस स्ट्रक्चर का लाभ-
मेडिकल के नए फीस स्ट्रक्चर का लाभ पहले उन स्टूडेंट्स को दिया जाएगा जिनका एडमिशन सरकारी कोटे की सीट पर होगा। लेकिन यह किसी भी संस्थान की कुल सीटों में से अधिकतम 50 फीसदी सीटों की संख्या तक सीमित रहेगा। लेकिन अगर किसी संस्थान में सरकारी कोटे की सीटें वहां की कुल सीटों की 50 फीसदी की सीमा से कम है, तो उन स्टूडेंट्स को भी फायदा मिलेगा जिनका एडमिशन सरकारी कोटे से बाहर लेकिन संस्थान की 50 फीसदी सीटों में हुआ है। इसका निर्धारण मेरिट के आधार पर होगा।
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