अनुभव : 16 घंटे पढ़ाई करना जरुरी नही, यूपीएससी टॉपर ने कहा कि शतरंज-क्रिकेट खेलकर हुई पढ़ाई…
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विस परीक्षा के उम्मीदवारों का इंतज़ार खत्म हुआ, फाइनल परिणाम जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में लड़कों के टॉपर और ऑल इंडिया रैंक-4 होल्डर ऐश्वर्य वर्मा है । ऐश्वर्य ने खास बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने ही तरीके से परीक्षा की तैयारी की और ये मुकाम हासिल किया।
Read More:-श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के एनएसएस और यूबीए के सदस्यों ने चलाया जागरूकता अभियान…
ऐश्वर्य वर्मा ने कहा कि दिन में 16-16 घंटे पढ़ाई करना एक भ्रामक बात है। यूपीएससी का सिलेबस बड़ा है, ऐसे में छोटे-छोटे, टर्म और लॉन्ग टर्म प्लान बनाकर पूरे सिलेबस की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें शतरंज खेलने और क्रिकेट खेलने का शौक है। अपनी तैयारी के दौरान वह ब्रेक लेने के लिए शतरंज और क्रिकेट खेला करते थे। ऐसा करने से अनावश्यक प्रेशर कम होता है। रिजल्ट जारी होने पर उनका रिएक्शन कैसा था, इस सवाल पर उन्होंने कहा, ”मुझे यह जानकारी हजम करने में थोड़ा समय लगा। मेरिट में अपना नाम चौथे नंबर पर देखना खुशी की बात थी।” उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान अपनी पूरी क्षमता से पढ़ाई करनी चाहिए न कि लंबे समय तक। दिन में 16-16 घंटे लगातार पढ़ाई करने वाली बातें सही नहीं हैं।
Read More:-छत्तीसगढ़ के नाम एक और राष्ट्रीय सम्मान, आत्मनिर्भर भारत समिट में डिजिटल गवर्नेंस के लिए मिला इनोवेशन अवार्ड, मुख्यमंत्री ने दी बधाई…
बता दें की ऐश्वर्य के पिता बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करते हैं जबकि मां गृहणी हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में उनकी तैयारी में पूरा योगदान दिया। अपनी सफलता का मूलमंत्र उन्होंने बताया, ” मेहनत करते रहो और रिजल्ट की फिक्र न करो। ” अपने इंटरव्यू के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि उनसे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, शतरंज, करेंट अफेयर्स, जियोग्राफी और एनर्जी सेक्टर से सवाल पूछे गए। एक किस्सा सुनाते हुए ऐश्वर्य ने कहा, “लोग मुझे हमेशा मेरे नाम के लेकर चिढ़ाते थे। मैंने हमेशा सभी को यह समझाने की कोशिश की। मैंने सोचा कि बड़ा होने के बाद, एक दिन मैं टीवी पर आऊंगा और लोगों को बताऊंगा कि मेरा नाम ऐश्वर्य है ऐश्वर्या नहीं। ” आखिरकार उन्होंने जो सोचा वो करके भी दिखाया।
Read More:-मानसून की शुरुवात : देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, देंखे छत्तीसगढ़ में कब से मानसून…


