अंडे बेचते बेचते क्रैक किया UPSC परीक्षा, प्राप्त किया 32व रैंक… जाने कौन वो…
महाराष्ट्र के वरुण कुमार बरनवाल और बिहार के मनोज कुमार रॉय ने जो कभी साइकिल का पंक्चर बनाने व अंडे बेचने का काम किया करते थे, वे आज अफसर के पद पर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं.

दोनों ही अपने जीवन में बेहद गरीबी का सामना किये है. दोनों ने अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए दुकान व रेहड़ी पर काम किया और इसी के साथ निरंतर प्रयास करते हुए यूपीएससी की परीक्षा पास की.

आईएएस वरुण कुमार बरनवाल महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोईसर के रहने वाले हैं. वरुण के पिता की साइकिल के पंक्चर बनाने की एक दुकान थी, जिससे पूरे परिवार की रोजी-रोटी चला करती थी. साल 2006 में वरुण ने कक्षा 10वीं की परीक्षा दी थी. परीक्षा समाप्त होते ही चार दिन बाद हार्ट अटैक चलते वरुण के पिता की अचानक मृत्यु हो गई थी, जिस कारण पूरे परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा था. वरुण पढ़ाई में काफी अच्छे थे. इसी कारण से उनकी मां ने उन्हें पिती की मृत्यु के बाद भी पढ़ाई नहीं छोड़ने दी. वहीं वरुण ने भी पढ़ाई के साथ-साथ घर खर्च चलाने के लिए अपने पिता की साइकिल रिपेयरिंग की दुकान संभाल ली. बता दें कि वरुण 10वीं कक्षा के टॉपर रहे थे, जिस कारण उनकी पढ़ाई के प्रति लगन के देखते हुए कक्षा 11वीं व 12वीं की फीस स्कूल के शिक्षकों ने मिलकर भरी थी. वहीं कॉलेज में दाखिले की फीस के 10 हजार रुपए उस डॉक्टर ने भरे थे, जिसने वरुण के पिता का इलाज किया था. इतनी मदद के बाद वरुण ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
