विश्व बैंक ने जताया भारत के साथ भरोसे को मजबूत…

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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है साथ ही दुनियाभर की तमाम रेटिंग एजेंसी ने कहा ये मजबूती आगे भी कायम रहेगी। इसलिए विश्व बैंक का भरोसा भारत को लेकर और भी मजबूत हुआ है। विश्व बैंक ने कहा है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ तेज रहने वाली है। वित्त वर्ष 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

भारत की रफ्तार बनी रहेगी

साथ ही विश्व बैंक ने निवेश में वृद्धि को देखते हुए वित्त वर्ष 2025 के लिए भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान 6.4 से बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। भारत में सर्विस और इंडस्ट्री सेक्टर में वृद्धि तेज बनी रहने की संभावना है। इसके साथ ही निर्माण और रियल एस्टेट में भी तेजी देखने को मिलेगी। विश्व बैंक ने कहा है कि महंगाई का दबाव कम होने से वित्तीय स्थिति बेहतर करने के लिए नीतिगत फैसले लेने की जगह बनेगी। ऐसे समय में जब दुनिया भर में आर्थिक मोर्चे पर सुस्ती छाई हुई है, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व बैंक ने भी कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी अभी और सुस्त रहेगी, लेकिन भारत की रफ्तार बनी रहेगी।


2030 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

इसके पहले रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने कहा कि भारत साल 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7 % तक पहुंचने का अनुमान  लगाया जा रहा है। एसएंडपी ने ‘ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024: न्यू रिस्क, न्यू प्लेबुक’ में  भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है और यह अगले तीन सालों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद का आकार 3,730 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। जो भारत 2027-28 तक 5,000 अरब डॉलर के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।

भारत की तरक्की पब्लिक सेक्टर पर निर्भर करती है

पब्लिक सेक्टर पर बहुत हद तक निर्भर करती है. देश में प्राइवेट इनवेस्टमेंट अभी भी बहुत कम है। बढ़ता कर्ज, उधार लेने की लागत और राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने के प्रयास आखिर में डेवलपमेंट पर असर डाल सकते हैं। साथ ही सरकार के हाथ भी बांध सकते हैं।

सर्विसेज एवं इंडस्ट्री की तरक्की मजबूत बनी रहेगी

भारत में सर्विसेज एवं इंडस्ट्री की तरक्की मजबूत बनी रहेगी। देश में कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर भी अच्छी स्थिति में दिखाई दे रहा है। साथ ही महंगाई का दबाव भी कम रहने का अनुमान है। इन सभी चीजों के चलते वित्तीय परिस्थितियां मजबूत होती चली जाएंगी। वर्ल्ड बैंक ने राजकोषीय घाटा और सरकारी कर्ज में गिरावट का अनुमान भी लगाया है। यह केंद्र सरकार द्वारा भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने के प्रयासों का नतीजा है।

पहले जारी पूर्वानुमान से 1.2 फीसदी अधिक

विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया वृद्धि संबंध में कहा भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2024 में 7.5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। विश्व का यह अनुमान पहले जारी पूर्वानुमान से 1.2 फीसदी अधिक है। भारत में सर्विस सेक्टर और इंडस्ट्री में लचीलापन जारी रहने के कारण विकास दर 7.5 फीसदी तक पहुंच सकती है।

दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 6.0 फीसदी मजबूत होने का अनुमान

विश्व बैंक के मुताबिक कुल मिलाकर 2024 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 6.0 फीसदी मजबूत होने की उम्मीद है। यह मुख्य तौर पर भारत में मजबूत वृद्धि और पाकिस्तान तथा श्रीलंका के काफी हद तक पटरी पर लौटने से संभव होगा। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया अगले दो साल तक दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बने रहने की उम्मीद है, जबकि 2025 में वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है।

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