April 19, 2026

देशभर में 18 फरवरी को मनायी जाएगी महाशिवरात्रि, जानिए किस विधि से करें शिवजी की पूजा….

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रायपुर:- महाशिवरात्रि का त्यौहार भारत के आध्यात्मिक उत्सवों की सूची में से एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। महाशिवरात्रि एक ऐसा पर्व है जिसमें हर व्यक्ति शिव जी की आराधना करता है। हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का त्योहार हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है ऐसी मान्यताएं है कि इस दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती से हुआ था और शिव-शक्ति सदा सदा के लिए एक दूजे से बंधन में बंध गए थे।

महाशिवरात्रि का ये पावन पर्व इस वर्ष 18 फरवरी को मनाया जाएगा। बता दें की भगवान शिव की पूजा निशिता काल में की जाती है और ऐसा कहा जाता है कि निशिता काल में पूजा करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं।

महाशिवरात्रि की पूजन विधि :-

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर सबको एक साथ मिलाकर पंचामृत बनाकर शिवलिंग का अभिषेक करें उसके बाद जल से स्नान कराएं। तत्पश्चात फल, फूल, चंदन, बिल्व पत्र, धतूरा, चढ़ाएं और साथ ही भव, शर्व, रुद्र, पशुपति, उग्र, महान, भीम और ईशान, इन आठ नामों से फूल अर्पित करें और अंत में धूप और घी के दीये से शिवजी की आरती करें और भोग लगाएं। आपको बता दें चारों प्रहर की पूजा में शिवपंचाक्षर मंत्र यानी ॐ नम: शिवाय का जाप करना चाहिए।

अन्य पूजन सामग्री निम्नवत है :-

दूध, दही, घी, शक्कर
बेलपत्र
भांग
धतूरा
मदार पुष्प, फूलों की माला
शमी के पत्ते
कमल और सफेद फूल
गंगाजल, महादेव के लिए वस्त्र
जनेऊ, चंदन, केसर, अक्षत्
इत्र, लौंग, छोटी इलायची, पान, सुपारी
शहद, बेर, मौसमी फल, खस
मौली, रक्षा सूत्र, भस्म, अभ्रक, कुश का आसन
भोग के लिए हलवा, ठंडाई, लस्सी, मालपुआ
पूजा के बाद हवन सामग्री
परिमल द्रव्य, रत्न, आभूषण
दान के लिए कंबल, वस्त्र, अन्न, गुड़, फल
माता पार्वती के लिए श्रृंगार सामग्री, साड़ी
आरती के लिए दीपक, कपूर इत्यादि।

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