नए वित्तीय वर्ष के साथ कौन से नियमों में किया गया बदलाव, जानिए कितना होगा आपकी जेब पर असर…

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नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत के साथ ही आपकी जेब पर असर डालने वाले कई नियम भी बदले गए हैं। तो इस नए वित्तीय वर्ष में होने वाले नियमों के बदलाव को जानना भी जरुरी है । जानिए अप्रैल 2024 की शुरुवात से कौन-कौन से अहम बदलाव हुए हैं।

ईपीएफओ में मिली राहत

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ से जुड़े नियम में भी बदलाव किये गये हैं। इस बदलाव से इपीएफओ ग्राहकों को राहत मिलने वाली है। 1 अप्रैल से खाताधारकों को नौकरी बदलने पर मैनुअल तरीके से अपने पुराने पीएफ बैलेंस को नए अकाउंट में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं रहेगी। ऑटो मोड में ही पुराने पीएफ का बैलेंस नए अकाउंट के साथ जुड़ जाएगा। फिलहाल यूएएन नंबर होने के बावजूद पीएफ खाते का बैलेंस ट्रांसफर करने के लिए ग्राहक को अलग से अनुरोध करना पड़ता था। ई नौकरी शुरू करने पर आपको पीएफ़ बैलेंस ट्रांसफ़र करने के लिए ईपीएफ़ओ को अर्ज़ी देने की ज़रूरत नहीं होगी, यह ऑटोमैटिकली आपके नए नौकरी देने वाले के खाते में जमा हो जाएगा।


नेशनल पेंशन सिस्टम में हुआ बदलाव

नेशनल पेंशन सिस्टम के लॉग-इन प्रोसेस में बड़ा बदलाव हुआ है जिसके अंतर्गत पीएफ़आरडीए अब टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है। जिसका मतलब है दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) एक पहचान और पहुंच प्रबंधन सुरक्षा पद्धति है जिसके लिए संसाधनों और डेटा तक पहुंचने के लिए दो प्रकार की पहचान की आवश्यकता होती है। 2एफए व्यवसायों को उनकी सबसे कमजोर जानकारी और नेटवर्क की निगरानी करने और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करने की क्षमता देता है। इसके बाद कोई भी एनपीएस खाताधारक आधार बेस्ड ओटीपी के ज़रिए ही एनपीएस लॉग-इन कर पाएगा। जिसके लिए 15 मार्च 2024 को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया था।

एसबीआई क्रेडिट कार्ड

एसबीआई बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ड के नियम में हुए बदलाव के तहत अब एसबीआई के सभी क्रेडिट कार्ड्स से किराए का भुगतान करने पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स नहीं मिलेंगे। ये बदलाव कुछ क्रेडिट कार्ड में एक अप्रैल, 2024 से कुछ क्रेडिट कार्ड में 15 अप्रैल, 2024 से लागू होने जा रहा है।

नई टैक्स रिजीम

एक अप्रैल 2024 से नई टैक्स रिजीम, डिफॉल्ट टैक्स रिजीम के रूप में लागू होने जा रही है। इसका मतलब यह है कि अगर आप खुद पुरानी टैक्स रिजीम नहीं चुनते हैं तो आपका इनकम टैक्स नई टैक्स व्यवस्था के मुताबिक ही कैलकुलेट किया जाएगा। नई टैक्स प्रणाली के तहत टैक्स ब्रैकेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी अगर आपकी सालाना आय 7 लाख रुपये या इससे कम है तो आपको नई टैक्स रिजीम के तहत कोई आयकर नहीं देना होगा।

फ़ास्टैग का नियम क्या है ?

फास्टैग से जुड़े कुछ नियम भी बदल रहे हैं।  जिसमे अब तक अपनी कार के फास्टैग की बैंक केवाईसी पूरी नहीं की है तो एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है। यदि 31 मार्च 2024 से पहले ही अपने फास्टैग की केवाईसी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो आपका फास्टैग खाता बैंक की ओर से निष्क्रिय या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। ऐसा होने से फास्टैग खाते में मौजूद बैलेंस का इस्तेमाल करने में भी आपको परेशानी हो सकती है।

लीव इनकैशमेंट

अभी तक प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट पर 3 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही थी, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 लाख कर दिया है। बता दें कि इस टैक्स बेनिफिट का लाभ कर्मचारी को तब मिलेगा, जब वो नौकरी बदलेंगे या फिर रिटायर होंगे। वहीं, अगर आप नौकरी के दौरान छुट्टी की जगह कैश ले रहे हैं तो इस लीव इनकैशमेंट पर आपको टैक्स भरना पड़ेगा, क्योंकि इसे भी सैलरी का हिस्सा माना जाता है।

पैन का आधार से लिंक

सरकार पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने की डेडलाइन कई बार बढ़ा चुकी है। फिलहाल 31 मार्च 2024 को आधार पैन लिंक करने की आखिरी तारीख थी। अगर पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक नहीं किया है तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है जिससे आपको कई तरह की परेशानी हो सकती है। उसे दोबारा एक्टिव कराने के लिए आपको 1000 रुपये के जुर्माने का भुगतान भी करना पड़ेगा।

रसोई गैस की नई कीमत

सरकार की ओर से हर महीने की एक तारीख को रसोई गैस के कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के कीमत की समीक्षा की जाती है। इसी के तहत पेट्रोलियम कंपनियों ने आज यानी एक अप्रैल 2024 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कटौती का एलान कर दिया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर और पांच किलो एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमतें कम कर दीं हैं। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 30.50 रुपये कम की गई है। दिल्ली में एक अप्रैल से इसकी कीमत 1764.50 होगी। पांच किलो एफटीएल की कीमत अब 7.50 रुपये कम हो गई है।

नई आयकर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं

वित्त मंत्रालय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 में लोगों के लिए नई आयकर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं है। व्यक्तिगत करदाता अपना आईटीआर दाखिल करते समय इस व्यवस्था से बाहर निकलने का विकल्प चुन सकते हैं। मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण करके उन सूचनाओं के बता दिया । जिसमें एक अप्रैल से प्रभावी नई कर व्यवस्था में कुछ बदलावों को बताया है।

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